रांची : डॉक्टर की संदेहास्पद मौत, FIR दर्ज, उच्चस्तरीय जांच की मांग

रांची : रिम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी विभाग के सेकंड ईयर के छात्र डॉ मदन कुमार एम की संदेहास्पद मौत मामले में रिम्स निदेशक ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. डॉ आरके गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, अपर मुख्य सचिव और एसएसपी को जांच के लिए पत्राचार किया गया है. कहा कि रिम्स ने एक होनहार मेधावी छात्र को खो दिया है. हृदयविदारक घटना हुई है.

डॉ मदन कुमार एम तमिलनाडु के नम्मकल के रहने वाले थे. 6 अक्टूबर 2022 को रिम्स में उनका नामांकन हुआ था. 13 महीने रिम्स में पढ़ाई कर चुके थे. एफएमटी के विभागाध्यक्ष डॉ संजय कुमार ने कहा कि मदन पढ़ने में मेधावी छात्र थे. एक अच्छे गायक भी थे. सितंबर में मदन की मां गंभीर रूप से बीमार थी. वो मेरे पास आए और रोने लगे. मैंने उन्हें ढांढस बंधाया और उन्हें छुट्टी दी थी. उनके इस तरह से चले जाने का मलाल ज्यादा है…

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बता दें कि रिम्स हॉस्टल नंबर 5 के पीछे से गुरुवार को उनका जला हुआ शव मिला था. जूनियर डॉक्टरों ने उनकी मौत को आत्महत्या मानने से इंकार किया है. जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) ने मेडिकल छात्र की आशंका जाहिर की है. उन्होंने प्रबंधन से इस मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. छात्रों ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई हत्या नहीं हुई है, तो जिन क्षेत्र में शव मिला है, उसके आसपास कोई ज्वलनशील पदार्थ या कोई कंटेनर क्यों नहीं मिला. साथ ही लाइटर या माचिस की तीली क्यों नहीं मिली. जूनियर डॉक्टर संगठन के अध्यक्ष डॉक्टर जयदीप चौधरी ने कहा कि वह एफएमटी विभाग का चिकित्सक था. ऐसे में आत्महत्या के लिए इतना हिंसक तरीका कैसे अपना सकता था.

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