हेमंत सोरेन को राहत: समन अवहेलना मामले में 12 दिसंबर तक कार्यवाही रहेगी स्थगित, मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट में दी थी चुनौती

Relief for Hemant Soren: Proceedings in the summons contempt case will be postponed until December 12, the Chief Minister had challenged in the High Court.

रांची। मुख्मंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ समन अवहेलना प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज शिकायत पर चले ट्रायल को फिलहाल रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले में सीजेएम कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान को चुनौती दी थी। याचिका पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत ने ईडी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और साथ ही ट्रायल कोर्ट को 12 दिसंबर की कार्यवाही स्थगित रखने का आदेश दिया।

 

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ED के शिकायतवाद पर संज्ञान को CM ने बताया अनुचित, HC पहुँचे

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत में दायर याचिका में कहा है कि विशेष अदालत (सीजेएम/एमपी-एमएलए कोर्ट) द्वारा ईडी के शिकायतवाद पर संज्ञान लेना विधिसम्मत नहीं था। इसी निर्णय को चुनौती देने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली।

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मुख्यमंत्री की ओर से अधिवक्ताओं की टीम—प्रदीप चंद्रा, दीपांकर राय और श्रेय मिश्रा—ने अपनी दलीलें रखीं। उन्होंने अदालत को बताया कि ईडी ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है, लेकिन इस बीच 12 दिसंबर से ट्रायल शुरू होने वाला था, जिससे याचिका के उद्देश्य पर असर पड़ता। इसलिए अगली सुनवाई तक अंतरिम राहत दी जानी चाहिए।

 

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हाईकोर्ट का निर्देश—फिलहाल ट्रायल शुरू नहीं होगा

सीएम की दलीलों पर विचार करते हुए जस्टिस चौधरी ने ट्रायल कोर्ट को 12 दिसंबर को निर्धारित सुनवाई स्थगित करने का निर्देश दिया। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी। अदालत ने ईडी को कहा है कि वह निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना काउंटर दाखिल करे, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

 

3 दिसंबर को भी मिली थी आंशिक राहत

इससे एक दिन पहले भी मुख्यमंत्री सोरेन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली थी। 3 दिसंबर को अदालत ने विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी व्यक्तिगत उपस्थिति के आदेश में ढील देते हुए केवल 6 दिसंबर की तारीख पर उपस्थित होने की बाध्यता बरकरार रखी थी।

 

इसके साथ ही कोर्ट ने यह स्पष्ट किया था कि—

• ट्रायल की आम कार्यवाही के दौरान व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी।

• लेकिन यदि किसी विशेष परिस्थिति में निचली अदालत उपस्थिति जरूरी समझे, तो उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।

 

क्यों चला विवाद—आठ समन न मानने का आरोप

यह पूरा मामला ईडी द्वारा 19 फरवरी 2024 को दायर की गई शिकायत से उपजा है, जिसमें हेमंत सोरेन पर धनशोधन जांच से जुड़े आठ बार समन की अवहेलना करने का आरोप है।ईडी का कहना है कि कई बार बुलाने के बावजूद उन्होंने पूछताछ में सहयोग नहीं किया। वहीं मुख्यमंत्री पक्ष का तर्क है कि समन जारी करने की प्रक्रिया और शिकायत पर संज्ञान, दोनों ही कानूनी मापदंडों के अनुरूप नहीं थे, इसलिए इसे चुनौती दी गई है।

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