DEO के खिलाफ माध्यमिक शिक्षक संघ ने खोला मोर्चा, बकाए वेतन सहित अन्य मांगों पर DDC की सौंपा सुझाव पत्र,उग्र आंदोलन के दिया अल्टीमेटम

गढ़वा। झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ जिला इकाई गढ़वा के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार के नेतृत्व में संघीय पदाधिकारियों के द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी गढ़वा आकाश कुमार को विभिन्न विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बरतने को लेकर एक सुझाव पत्र सौंपा गया है.
सौंपे गए सुझाव पत्र में कई विभिन्न बिंदुओं पर ध्यानाकृष्ट कराते हुए आमूलचूल समाधान करने का आग्रह किया गया है.

प्रमुख सुझाव:-

(1) सर्वप्रथम संघ के द्वारा 09 मार्च 2019 से जून 2019 तक के बकाये वेतन को अविलम्ब भुगतान करने का आग्रह किया गया है. राशि उपलब्ध रहने के बावजूद भी जानबूझकर बकाये वेतन का भुगतान नहीं किया जाना बिलकुल ही गलत है.

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(2)शिक्षा सचिव झारखंड सरकार के निर्देशानुसार असाध्य रोगों से ग्रसित शिक्षकों का स्थानांतरण वांछित विद्यालयों में करने में कार्यालय के द्वारा वैसे शिक्षकों की भी सूची को भी अनुमोदित कर दिया गया है जो बिलकुल स्वस्थ हैं और वास्तविक शिक्षकों को स्क्रूटनी कर दिया गया है. अनुमोदित एवं स्क्रूटनी किये गए सूची को कार्यालय के सूचना पट्ट पर प्रकाशित करने का आग्रह डीईओ गढ़वा को संघ के द्वारा किया गया है.

(3)पूर्व में किये गए शिक्षकों के प्रतिनियोजन को अपरिहार्य कारणों से वर्त्तमान डीईओ के द्वारा रद्द करते हुए अपने स्तर से कई शिक्षकों का प्रतिनियोजन बिना किसी खास कारण के ही नियम के प्रतिकूल प्रतिनियोजन किया जा रहा है. जैसे- वैसे विषय के शिक्षकों का प्रतिनियोजन किया गया है जहाँ पर उस विषय के शिक्षक पूर्व से ही पदस्थापित है और जहां संबंधित विषय का स्वीकृत पद भी नहीं है.संघ के द्वारा इसप्रकार के प्रतिनियोजनों को तत्काल रूप से रद्द करते हुए अत्यावश्यक शिक्षकों का अधीक्षा मांगकर प्रतिनियोजन का कार्य किया जाये.
(4)डीईओ गढ़वा के द्वारा वैसे विषयगत शिक्षकों को सभी खेल प्रतियोगिताओ में तकनिकी सहयोग करने हेतु लम्बी अवधि के लिए प्रतिनियोजित कर दिया जा रहा है जो विषयगत शिक्षक हैं और उन्हें संबंधित खेलों के बारे में ककहरा भी नहीं मालूम है. संघ के द्वारा यह सुझाव दिया गया कि वैसे सिर्फ शारीरिक शिक्षकों को जिन्हें सबंधित खेल के बारे में विशेषज्ञता हासिल हो ;को ही खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिनियोजित किया जाये न कि विषयगत शिक्षकों को.
(5)डीईओ कार्यालय में वैसे शिक्षकों एवं लिपिकों को प्रतिनियोजित किया गया है जो डीईओ के नाम पर विभिन्न कार्यों जैसे-बकाये वेतन भुगतान कराने के नाम पर, वेतन भुगतान आदेश निर्गत कराने के नाम पर,विभिन्न अवकाशों को स्वीकृत कराने के नाम पर, प्रतिनियोजन कराने के नाम पर आदि मनमाने ढंग से सुविधा शुल्क के नाम पर अवैध राशि की माँग की जाती है. संघ के द्वारा ऐसे शिक्षकों एवं लिपिकों को अविलम्ब कार्यालय से प्रतिनियोजन मुक्त करते हुए मूल विद्यालय में भेजा जाये.
(6) लगभग पाँच वर्षों से लम्बित अतिथि शिक्षकों को कुल साठ दिनों का पारिश्रमिक /मानदेय का भुगतान नहीं किया गया जो बिलकुल ही उन बेरोजगार शिक्षित युवकों के साथ घोर अन्याय है. आग्रह है कि इनके बकाये मानदेय को अविलम्ब भुगतान कर दिया जाये.

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जिलासचिव नागेंद्र चौधरी ने कहा कि इस संघीय सुझाव पत्र खासकर नौ मार्च से जून 2019 तक के बकाये वेतन से संबंधित मामले को वरीय शिक्षा अधिकारियों (उपायुक्त गढ़वा,आरडीडीई, पलामू प्रमंडल,शिक्षा निदेशक,शिक्षा सचिव,प्रान्तीय अध्यक्ष झारखण्ड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ, विधायक प्रतिनिधि प्रतिनिधि शिक्षा विभाग) के पास भी प्रेषित किया जायेगा ताकि वे भी वर्णित मुद्दों पर त्वरित संज्ञान लें सकें.

यदि उपरोक्त मुद्दों पर किसी भी प्रकार की सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो आगामी 25 दिसंबर से डीईओ गढ़वा के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जायेगा.

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इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि शिक्षा विभाग अशर्फी राम,जिलासचिव नागेंद्र चौधरी, उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण कुमार यादव, कोषाध्यक्ष सरफुल्लाह अंसारी, विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष रिंकू कुमार पासवान,अकरम अंसारी,संध्या रानी,विजय कुमार, अभिषेक सिंह, परवेज आलम खान,संजय मेहता, शिवपूजन प्रजापति,रणधीर पाण्डे, विद्यानन्द आर्या, साजिद अली, पंकज कुमार, ओमप्रकाश गुप्ता, प्रवीण राम, आदित्य प्रसाद गुप्ता, घनश्याम कुजूर, जयप्रकाश, पीटर मिंज, गोविन्द यादव, निखिल सेठ, कयामुद्दीन अंसारी, अखिलेश विश्वकर्मा, हीरामन सिंह, अबुल हसन, शकील अंसारी, कृष्ण कुमार गुप्ता, आसिम आशीष किस्फोटा, उदय कुमार रवि,सन्तोष कुमार आदि अधिकाधिक संख्या में शिक्षक गण उपस्थित थे.

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