झारखंड : ईडी कार्यालय की सुरक्षा अब CISF/CRPF के हवाले, हाईकोर्ट ने झारखंड सरकार से मांगा जवाब, निशिकांत दुबे ने बोले, अब सुकून आया….

Jharkhand: Security of the ED office now handed over to CISF/CRPF, High Court seeks response from the Jharkhand government, Nishikant Dubey says, "Now I feel relieved..."

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जुड़े एक विवादित मामले में अहम आदेश देते हुए रांची पुलिस की जांच पर रोक लगा दी है।

कोर्ट ने ईडी के रांची कार्यालय की सुरक्षा केंद्रीय बलों को सौंपने के निर्देश दिए हैं और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। इस फैसले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

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झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य पुलिस के बीच टकराव जैसे हालात पर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।

गुरुवार को ईडी द्वारा दाखिल क्रिमिनल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने रांची पुलिस की किसी भी प्रकार की जांच कार्रवाई पर तत्काल रोक लगा दी है। यह फैसला न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने सुनाया।

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इस मामले को लेकर गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पोस्ट करते हुए कहा कि माननीय झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड सरकार की कार्रवाई पर रोक लगाई है और ईडी के रांची मुख्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपी है। साथ ही, रांची के एसएसपी को भविष्य के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए हैं।

हाईकोर्ट का सख्त आदेश
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ईडी से जुड़े मारपीट के मामले में रांची पुलिस किसी भी प्रकार की जांच या कार्रवाई नहीं करेगी।

कोर्ट ने राज्य सरकार को सात दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है, जबकि निजी प्रतिवादी संतोष कुमार को दस दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, केंद्रीय गृह सचिव और संतोष कुमार को इस मामले में पक्षकार बनाया गया है।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि ईडी के रांची कार्यालय की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) या केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी रांची के एसएसपी करेंगे, लेकिन प्रत्यक्ष सुरक्षा जिम्मेदारी केंद्रीय बलों के पास रहेगी।

ईडी की CBI जांच की मांग

ईडी ने अपनी याचिका में इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है। कोर्ट ने इस मांग पर विचार करने का संकेत दिया है, हालांकि इस पर अंतिम फैसला अगली सुनवाई में लिया जाएगा।

झारखंड हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना है कि पुलिस की कार्रवाई से ईडी की स्वायत्त जांच प्रभावित हो सकती है।

क्या है पूरा मामला
पूरा मामला झारखंड के पेयजल विभाग में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है, जिसकी जांच ईडी कर रही थी। इसी जांच के दौरान आरोपी संतोष कुमार बिना किसी समन के ईडी कार्यालय पहुंच गया और अपना बयान दर्ज कराने की मांग की।

ईडी अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान संतोष कुमार ने अचानक मारपीट का आरोप लगाते हुए रांची के एयरपोर्ट थाने में ईडी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी।

एफआईआर दर्ज होने के बाद रांची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी और गुरुवार को ईडी के रांची कार्यालय पहुंच गई। पुलिस की इस कार्रवाई को ईडी ने अपनी जांच में सीधा हस्तक्षेप बताते हुए हाईकोर्ट का रुख किया और क्रिमिनल रिट याचिका दाखिल की।

हाईकोर्ट की दखल से बढ़ी सियासी हलचल
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद झारखंड की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। जहां एक ओर भाजपा नेता और सांसद इसे केंद्रीय एजेंसियों की सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं राज्य सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।

फिलहाल, रांची पुलिस की जांच पर पूर्ण रोक है और अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जहां इस मामले की दिशा तय होगी।

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