…तो क्या पवन सिंह नहीं लड़ेंगे चुनाव ? पवन सिंह की मां ने गुपचुप तरीके से भरा नामांकन, राजनीति में सियासी हलचल तेज

PAWAN SINGH NEWS: भोजपुरी गायक पवन सिंह की मां प्रतिमा देवी ने नामांकन दाखिल किया है। इस सीट पर नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन था। पवन सिंह की मां ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। पवन सिंह के नामांकन के पांच दिन बाद उनकी मां ने नामांकन दाखिल किया है। पवन सिंह के नामांकन में उनकी मां भी बहू के साथ हुई शामिल थीं और उन्होंने आंचल फैलाकर वोट मांगा था।

दरअसल पवन सिंह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं और पार्टी में रहते हुए उन्होंने काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा दाखिल किया था। लेकिन अब ऐसी चर्चा है कि उन्हें अपना नामांकन वापस लेना पड़ सकता है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

पवन सिंह ने पिछले साल बीजेपी की सदस्यता ली थी और आरा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे। लेकिन बीजेपी ने उन्हें आरा लोकसभा सीट से टिकट नहीं दिया। बीजेपी ने उन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल से टिकट दिया था। पवन सिंह ने आसनसोल से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया और बाद में काराकाट लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल कर दिया।

हालांकि सवाल उठ रहा है कि पवन सिंह की माता ने आखिर नामांकन क्यों किया? बता दें कि 9 मई को पवन सिंह ने सासाराम के समाहरणालय में अपना नामांकन दाखिल किया था लेकिन आज 14 मई को उनकी माता प्रतिमा देवी ने भी नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। प्रतिमा देवी 10-12 लोगों के साथ अंतिम समय में समाहरणालय में पहुंची और चुपचाप नामांकन पत्र दाखिल करके चली गई. इस दौरान मीडिया के समक्ष पूरी गोपनीयता रखी गई।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मीडिया को इसकी कानों कान खबर न हो, इसकी पूरी व्यवस्था की गई. पहले दो लोगों के साथ प्रतिमा देवी ने परिसर में प्रवेश की. बाद में धीरे-धीरे सभी प्रस्तावक समाहरणालय के परिसर में पहुंच गए तथा अपना नामांकन दाखिल कर चुपके से निकल गईं. इस दौरान किसी मीडियाकर्मी से उन्होंने बातचीत नहीं की.
सवाल उठता है कि भोजपुरी के पावर स्टार कहे जाने वाले पवन सिंह की मां ने अचानक नामांकन क्यों दाखिल किया?

जानकारी मिली है कि पवन सिंह ने अपनी मा का नामांकन इसलिए कराया है कि अगर विषम परिस्थिति में उनका नामांकन रद्द हो जाता है तो मा के नाम पर वे चुनाव में बने रह सकते हैं. कुछ लोगों ने दबी जुबान से बताया कि निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव आयोग द्वारा सीमित संसाधन का उपयोग करने के निर्देश दिए जाते हैं. संभवत: चुनाव के दौरान समुचित संसाधन के लिए ही अपनी माता का नामांकन कराया गया हो। हालांकि इस पूरे मामले में अभी सस्पेंस बना हुआ है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Related Articles

close