बंगाल में ममता की पार्टी में भगदड़! 101 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे से मचा हड़कंप, TMC के अंदर शुरू हुई बड़ी टूट?

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अब Mamata Banerjee की पार्टी Trinamool Congress में बगावत खुलकर सामने आने लगी है। राज्य की अलग-अलग नगरपालिकाओं से 101 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को इस्तीफों की यह बड़ी लहर उस वक्त और तेज हो गई जब लोकसभा सांसद Kakoli Ghosh Dastidar ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कई नगरपालिकाओं में पार्षदों ने एक के बाद एक अपने पद छोड़ने शुरू कर दिए।
बताया जा रहा है कि उत्तर बैरकपुर से 15, गारुलिया से 18, कोंटाई से 14, हालिसहार से 16, भटपारा से 30 और डायमंड हार्बर से 8 पार्षदों ने इस्तीफा दिया है। खास बात यह है कि डायमंड हार्बर को टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, जहां से ममता बनर्जी के भतीजे Abhishek Banerjee सांसद हैं।
सत्ता परिवर्तन के बाद से ही टीएमसी लगातार अंदरूनी कलह, दलबदल और बगावत से जूझ रही है। पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बड़े स्तर पर पार्षदों के इस्तीफे यह संकेत दे रहे हैं कि टीएमसी का बूथ और नगरपालिका स्तर का संगठन तेजी से कमजोर हो रहा है।
विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं के साथ बैठक में साफ कहा था कि जिसे पार्टी छोड़नी है, वह छोड़ सकता है और वे अकेले दम पर पार्टी को दोबारा खड़ा कर लेंगी। लेकिन अब लगातार हो रहे इस्तीफों ने बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है।
फिलहाल ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को टूटने से बचाने और संगठन को दोबारा मजबूत करने की मानी जा रही है।












