हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन को मिलेगी ‘राजमाता’ की उपाधि? खतियानी परिवार ने सरकार से की बड़ी मांग
हजारीबाग में खतियानी परिवार की साप्ताहिक बैठक में दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देकर उठी उन्हें ‘राजमाता’ का सम्मान देने की मांग; शहर की जर्जर सड़कों का मुद्दा भी बैठक में छाया रहा।

हजारीबाग। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन के निधन के बाद उन्हें सम्मान देने की मांग उठी है। हजारीबाग में खतियानी परिवार की बैठक के दौरान संगठन के सदस्यों ने राज्य सरकार से रूपी सोरेन को ‘राजमाता’ की उपाधि देने की मांग की। बैठक में उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए एक मिनट का मौन रखा गया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
खतियानी परिवार की बैठक में उठा ‘राजमाता’ का मुद्दा
शनिवार को कन्हरी रोड स्थित खतियानी चौक के जेपीएम अस्पताल परिसर में संगठन की साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष सुनीता कच्छप ने की।
इस दौरान सदस्यों ने रूपी सोरेन के निधन पर दुख जताया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही राज्य सरकार से उन्हें ‘राजमाता’ की उपाधि देने की मांग की गई। यह मांग संगठन की बैठक के दौरान सामने आई है।
हजारीबाग की जर्जर सड़कों पर भी जताई चिंता
बैठक में सिर्फ श्रद्धांजलि और सम्मान का मुद्दा ही नहीं, बल्कि हजारीबाग शहर की बदहाल सड़कों की समस्या पर भी चर्चा हुई। शहर में जगह-जगह बने गड्ढों और जर्जर सड़कों को लेकर सदस्यों ने चिंता जताई।
डॉ. एके मेहता ने कहा कि त्योहारों का सिलसिला शुरू हो चुका है। ऐसे में सड़कों की खराब स्थिति के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो सकती है।
अधिकारियों से सड़कों की स्थिति सुधारने की मांग
बैठक में संबंधित अधिकारियों से शहर की सड़कों की हालत पर ध्यान देने की जरूरत बताई गई। सदस्यों का कहना था कि त्योहारों के दौरान लोगों की आवाजाही बढ़ने के कारण सड़कों की मरम्मत और व्यवस्था में सुधार जरूरी है।
इस तरह खतियानी परिवार की बैठक में एक ओर रूपी सोरेन को ‘राजमाता’ की उपाधि देने की मांग उठी, तो दूसरी ओर शहर की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई।












