रूपी सोरेन के निधन से शोक में सोरेन परिवार, पीएम मोदी ने जताया दुख; हेमंत और कल्पना के प्रति संवेदना

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का निधन, प्रधानमंत्री ने आदिवासी समुदायों के लिए उनके योगदान को किया याद

 

 

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

नई दिल्ली/रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार और झारखंड में शोक का माहौल है। रूपी सोरेन का 7 अक्टूबर 2026 को रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हुआ। वे कुछ समय से अस्वस्थ थीं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

रूपी सोरेन के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और पूरे परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं जताईं।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

पीएम मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूपी सोरेन के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा आदिवासी समुदायों को मजबूत बनाने के लिए काम किया। उन्होंने इस दुख की घड़ी में हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और उनके पूरे परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

पीएम मोदी का संदेश ऐसे समय आया है जब सोरेन परिवार एक और बड़े व्यक्तिगत नुकसान से गुजर रहा है। रूपी सोरेन, झामुमो के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पत्नी थीं। शिबू सोरेन का भी अगस्त 2025 में निधन हुआ था।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

लंबे समय से थीं अस्वस्थ

रिपोर्टों के मुताबिक, रूपी सोरेन को 18 सितंबर 2026 को सांस लेने में परेशानी के बाद रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी हालत गंभीर हो गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान 7 अक्टूबर को उनका निधन हो गया।

उनके निधन की खबर के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। विभिन्न नेताओं और समर्थकों ने भी सोरेन परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

हेमंत सोरेन ने मां को बताया अपनी सबसे बड़ी छांव

मां के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने अपनी मां को पिता शिबू सोरेन के बाद अपनी सबसे बड़ी छांव बताया।

रूपी सोरेन का जीवन झारखंड के आंदोलन और सोरेन परिवार के संघर्षों से भी जुड़ा रहा। उनके निधन के बाद परिवार के साथ बड़ी संख्या में समर्थकों और शुभचिंतकों ने शोक व्यक्त किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close