पलामू : पंचतत्व में विलीन हुए सब इंस्पेक्टर, हजारों नम आंखों ने दी अंतिम विदाई, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

पलामू : चाईबासा नक्सल हमले में शहीद हुए सब इंस्पेक्टर अमित कुमार तिवारी पंचतत्व में विलीन हो गये. पैतृक गांव तोल में राजकीय सम्मान के साथ अमित कुमार तिवारी का अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान सांसद विष्णुदयाल राम, आईजी राजकुमार लकड़ा, एसपी रिष्मा रमेशन, एएसपी ऋषभ गर्ग, एसडीपीओ सुरजीत कुमार समेत हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए.

इससे पहले अमित कुमार का पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात करीब दो बजे तोलरा गांव पहुंचा था. शहीद के अंतिम दर्शन के लिए सुबह सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी थी.

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अमित तिवारी चार दिन पहले जन्मे अपने बेटे का मुंह तक नहीं देख पाए और दुनिया को अलविदा कह गए. स्वभाव से अमित बहेद ही मिलनसार व्यक्ति थे. मंगलवार की शाम रांची के जगुआर में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. उसके बाद पार्थिव शरीर पलामू के लिए रवाना किया गया. देर रात तक सैकड़ों की संख्या में पलामू के लोगों ने पार्थिव शरीर के दर्शन किए और श्रद्धांजलि दी।

बता दें कि चाईबासा के टोटो थाना क्षेत्र के तुम्बाहाका जंगल में सोमवार देर रात सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के 2012 बैच के सब इंस्पेक्टर अमित तिवारी और हवलदार गौतम कुमार शहीद हो गये. सब इंस्पेक्टर अमित तिवारी पलामू के रेहला थाना क्षेत्र के तोलरा गांव निवासी हैं.

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जानकारी के अनुसार, 4 दिन पहले ही अमित की पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया है. अमित बेटे से मिल भी नहीं पाये. उन्होंने केवल मोबाइल में ही बेटे की तस्वीर देखी थी. अमित के पिता देवेंद्र तिवारी पेशे से किसान हैं. वहीं चाचा निरंजन कुमार तिवारी पुलिस में इंस्पेक्टर हैं और झारखंड में ही तैनात हैं. अमित तिवारी के घर के कई सदस्य पुलिस सेवा में कार्यरत हैं.

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