शिक्षकों को पैसा नहीं : ना जमा कर पा रहे बच्चों की फीस, ना हो पा रहा EMI का जुगाड़, शिक्षकों का वेतन अटका, प्राथमिक शिक्षक संघ ने तत्काल वेतन भुगतान की मांग की hh

Teachers Left Without Funds: Unable to Collect Students' Fees or Arrange for EMI Payments—Salaries Stalled; Primary Teachers' Association Demands Immediate Payment

पूर्वी सिंहभूम में प्राथमिक शिक्षकों का वेतन दो महीने से लंबित होने पर शिक्षक संघ ने डीसी से तत्काल भुगतान की मांग की है। वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

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पूर्वी सिंहभूम । प्राथमिक शिक्षकों का वेतन भुगतान लंबित होने का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए उपायुक्त (डीसी) को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने मार्च और अप्रैल 2026 का बकाया वेतन तत्काल जारी करने की मांग की है।

 

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संघ के जिलाध्यक्ष शंकर पोलाई ने अपने ज्ञापन में बताया कि वित्त विभाग, झारखंड सरकार के निर्देशानुसार चल रही जांच प्रक्रियाओं के कारण जिले के शिक्षकों का मार्च 2026 का वेतन अब तक जारी नहीं किया गया है। इसके चलते अप्रैल माह का वेतन भी प्रभावित हुआ है और शिक्षकों को लगातार दो महीने से वेतन नहीं मिल पाया है।

 

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लंबित वेतन को लेकर संघ का कहना है कि वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई शिक्षकों को अपने बच्चों की स्कूल फीस, बैंक लोन की EMI और दैनिक घरेलू खर्चों को पूरा करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे शिक्षकों में तनाव और असंतोष का माहौल बन गया है।

 

ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों को वित्तीय अनियमितताओं की जांच से कोई आपत्ति नहीं है। यदि जांच में किसी शिक्षक की गलती सामने आती है, तो विभाग और सरकार के पास संबंधित राशि की वसूली सहित आवश्यक कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। लेकिन जांच के नाम पर सभी शिक्षकों का वेतन रोकना न केवल अनुचित है, बल्कि इसे उत्पीड़न के रूप में देखा जा रहा है।

 

संघ ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य के अन्य जिलों जैसे रांची और धनबाद के कुछ प्रखंडों में हाल के दिनों में मार्च माह का वेतन जारी कर दिया गया है। वहीं चाईबासा में भी सभी प्रखंडों के लिए वेतन आवंटन जारी होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में पूर्वी सिंहभूम के शिक्षकों के साथ हो रहा यह भेदभाव समझ से परे है।

 

शिक्षक संघ ने उपायुक्त से अनुरोध किया है कि मामले की गंभीरता और शिक्षकों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए जल्द से जल्द मार्च और अप्रैल 2026 का वेतन जारी करने की अनुमति दी जाए। संघ ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित निर्णय लेगा।

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