हारते-हारते किसी तरह जीते तेजस्वी यादव, अंतिम राउंड तक अटकी रही सांसे, राजद की सबसे बड़ी दुर्गति, कांग्रेस पंजे पर ही अटक गयी
Tejashwi Yadav narrowly won, breath held until the final round, RJD's worst disaster, Congress stuck in its clutches

Bihar Election : बिहार चुनाव 2025 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। एनडीए ने प्रचंड बहुमत के साथ बिहार में दमदार वापसी की है। 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए का आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया है, जो राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक बेहद महत्वपूर्ण जीत के तौर पर दर्ज किया जा रहा है। दूसरी ओर, विपक्षी महागठबंधन पूरी तरह धराशायी हो गया है। कांग्रेस दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी और आरजेडी अपने परंपरागत वोटबैंक के बावजूद केवल कुछ सीटों पर सिमटती दिखाई दे रही है।
तेजस्वी यादव ने बचाई अपनी सीट, महागठबंधन का सबसे खराब प्रदर्शन
पार्टी आरजेडी चुनाव में बेहद निराशाजनक स्थिति में पहुंच गई। चुनाव आयोग के ताज़ा रुझानों के अनुसार, आरजेडी को केवल 22.79% वोट शेयर हासिल हुआ है, जो बीजेपी और जेडीयू से ज़्यादा होने के बावजूद सीटों में तब्दील नहीं हो पाया। आरजेडी ने इस चुनाव में 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी केवल 25 सीटों पर आगे चल रही है।यह प्रदर्शन 2010 के चुनाव के बाद आरजेडी का दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है, जब पार्टी को केवल 22 सीटें मिली थीं।
तेजस्वी यादव अपनी राघोपुर सीट से कड़े मुकाबले के बाद अंततः जीत गए, लेकिन यह जीत आसान नहीं थी। अंतिम चरण तक उनकी सांसें अटकी रहीं। दूसरी ओर, उनके बड़े भाई और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव महुआ से चौथे स्थान पर खिसक गए और अपना डेब्यू चुनाव हारकर बाहर हो गए।
NDA का रिकॉर्ड प्रदर्शन – BJP, JDU और सहयोगियों ने किया कमाल
एनडीए की तरफ से बीजेपी और जेडीयू ने मिलकर शानदार प्रदर्शन किया।
एनडीए के गठबंधन का वर्तमान आंकड़ा इस प्रकार है:
• भारतीय जनता पार्टी (BJP): 92 सीटों पर आगे
• जनता दल यूनाइटेड (JDU): 84 सीटें
• लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास): 19 सीटें
• हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM): 5 सीटें
• राष्ट्रीय लोक मोर्चा: 4 सीटें
इस तरह कुल 204 सीटों पर एनडीए मजबूती से कब्ज़ा जमाए हुए है। यह स्पष्ट दिखाता है कि बिहार के मतदाताओं ने इस चुनाव में एनडीए पर भरोसा दोहराया है।
अन्य दलों की स्थिति
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी और मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी उन सभी सीटों पर पीछे चल रही हैं, जिन पर उन्होंने उम्मीदवार खड़े किए थे। दोनों पार्टियां जनता को प्रभावित करने में नाकाम रहीं।वहीं, महागठबंधन में शामिल कांग्रेस केवल 5 सीटों पर आगे है, जो पार्टी के लिए बेहद शर्मनाक नतीजा माना जा रहा है।माकपा (माले) लिबरेशन भी केवल 2 सीटों पर आगे है।












