बेटे-बहू और मासूम बच्चों को काटते रहे दरिंदे…घर में बैठी मां सब देखती रही…सूटकेस में मिले 18 टुकड़े…बोरे में पड़ा था बिना सिर का शव…बिहार के इस हत्याकांड ने दहला दिया देश

Bihar के Kaimur जिले में मिले चार सिर कटी लाशों के मामले ने ऐसा भयावह मोड़ लिया है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया। सूटकेस और बोरे में मिले बिना सिर के शवों का रहस्य आखिरकार खुल गया है और जो सच सामने आया, वह किसी हॉरर कहानी से कम नहीं।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि जिन चार शवों के टुकड़े बरामद हुए थे, वे एक ही परिवार के थे। मृतकों में कृष्ण मुरारी, उनकी पत्नी और उनके दो मासूम बच्चे शामिल थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे नरसंहार को घर के ही लोगों ने अंजाम दिया।

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पुलिस के मुताबिक, मृतक के दो सगे भाइयों ने पहले कृष्ण मुरारी और उसकी पत्नी की हत्या की, फिर दोनों बच्चों को भी मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद शवों के सिर काटे गए और शरीर को टुकड़ों में बांट दिया गया। इस खौफनाक काम में परिवार का सबसे छोटा भाई राहुल उर्फ गौतम भी शामिल था, जिसने टांगी से शवों के कई टुकड़े किए।

जांच में सामने आया कि घटना की शुरुआत 5 मई को हुई पारिवारिक लड़ाई से हुई थी। आरोप है कि कृष्ण मुरारी ने अपनी मां की पिटाई कर दी थी। इसके बाद मां ने महाराष्ट्र में रह रहे बेटे विकास गुप्ता को घटना की जानकारी दी। विकास अपने दोस्त दीपक कुमार राजपूत के साथ गांव पहुंचा।

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7 मई को घर में बातचीत के दौरान शेयर मार्केट को लेकर चर्चा हो रही थी, तभी कहासुनी शुरू हुई और अचानक विकास व दीपक ने कृष्ण मुरारी पर चाकू से हमला कर दिया। चीख सुनकर जब उसकी पत्नी बचाने पहुंची, तो उसे भी मार डाला गया। इसी बीच दोनों बच्चे वहां आ गए और दरिंदों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा।

सबसे रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा यह हुआ कि जब चारों की हत्या की जा रही थी और शवों के टुकड़े किए जा रहे थे, तब मृतक की मां और भाइयों की पत्नियां घर में मौजूद थीं। पुलिस के अनुसार, वे पूरी घटना देखती रहीं लेकिन किसी ने रोकने की कोशिश नहीं की।

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हत्या के बाद आरोपियों ने शवों के टुकड़ों को सूटकेस और बोरियों में भरा। कुछ हिस्सों को रामगढ़-मोहनियां बॉर्डर स्थित दुर्गावती नदी में फेंका गया, जबकि बाकी टुकड़े अकोढ़ी नहर के पास फेंक दिए गए। साक्ष्य मिटाने के लिए घर का खून धोया गया और फर्श पर सीमेंट तक छिड़क दिया गया।

10 मई को पहली बार दुर्गावती नदी से दो सूटकेस बरामद हुए, जिनमें 18 टुकड़े मिले थे। दो दिन बाद नहर किनारे बोरी में अन्य शव के हिस्से मिले। पुलिस को एक बच्चे के शव के पास मिले आंगनबाड़ी ड्रेस के सिलाई टैग और कपड़ों के आधार पर परिवार की पहचान करने में सफलता मिली।

CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर विकास गुप्ता ने पूरा जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह बड़े भाई के व्यवहार से बेहद परेशान था और इसी गुस्से में उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। गांव में अब भी सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस बात से सहमे हुए हैं कि कोई अपने ही परिवार के साथ इतनी बेरहमी कैसे कर सकता है।

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