कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री, बोले, समृद्ध समाज राष्ट्र निर्माण की मजबूत शक्ति

Chief Minister attends the central convention of the Kurmi-Kshatriya community; states that a prosperous society is a powerful force for nation-building.

धमतरी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनके लिए यह सौभाग्य की बात है कि उन्हें चन्द्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के इस भव्य केंद्रीय अधिवेशन में शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि यह समाज गौरवशाली इतिहास, समृद्ध परंपराओं और उत्कृष्ट सामाजिक मूल्यों का वाहक है। यह वही समाज है जिसने देश को छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान व्यक्तित्व दिए हैं, जिनके नेतृत्व, साहस और राष्ट्र निर्माण के आदर्श आज भी प्रेरणास्रोत हैं। कार्यक्रम ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित  हुआ |

इस अवसर पर उन्होंने समाज के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित सामाजिक बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी समाज शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के बल पर ही निरंतर प्रगति करता है। चन्द्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज अपनी समृद्ध परंपराओं, सामाजिक चेतना और उत्कृष्ट संगठन क्षमता के कारण प्रदेश के अग्रणी एवं प्रगतिशील समाजों में शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुर्मी समाज ने कृषि, शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, सामाजिक सेवा तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज की नई पीढ़ी शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और नवाचार के माध्यम से विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है, जो अत्यंत प्रेरणादायी है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए छाती से झूरानवागांव तक सड़क निर्माण, ग्राम छाती को भविष्य में नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने, छाती में नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण तथा समाज के लिए नवा रायपुर में सामाजिक भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने जोरदार स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने समाज की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में प्रकाशित पुस्तक ‘अद्भुत श्री तुलसी चरितायणम‘का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में प्रशासनिक सेवाओं, विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चयनित एवं सेवारत अधिकारी-कर्मचारियों का सम्मान किया गया। साथ ही शैक्षणिक, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अधिवेशन केवल सामाजिक आयोजन नहीं होते, बल्कि समाज को संगठित और सशक्त बनाने के महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं। जब समाज के लोग दूर-दूर से एक स्थान पर एकत्रित होकर विचार-विमर्श करते हैं, अनुभव साझा करते हैं और भावी पीढ़ी के लिए दिशा तय करते हैं, तब सामाजिक एकता और अधिक मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि संगठित और जागरूक समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव होता है। समाज जितना सशक्त होगा, राष्ट्र उतना ही प्रगतिशील और समृद्ध बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज द्वारा प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा, खेल, व्यवसाय तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों और विद्यार्थियों के सम्मान की सराहना करते हुए कहा कि सम्मान की संस्कृति समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता को बढ़ावा देती है। ऐसे प्रयास युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने और नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूल मंत्र है और किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति का आधार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा है। राज्य सरकार शिक्षा के विस्तार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। समाज के सभी वर्गों को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए ताकि नई पीढ़ी ज्ञान, कौशल और संस्कारों से समृद्ध होकर प्रदेश और देश के विकास में योगदान दे सके।

मुख्यमंत्री ने समाज के उद्यमियों और व्यवसायियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करने का आह्वान करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग एवं निवेश के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित किया गया है। नई औद्योगिक नीति में युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों के लिए अनेक प्रोत्साहन प्रावधान किए गए हैं। समाज के व्यवसायी इन अवसरों का लाभ उठाकर नए उद्योग स्थापित करें, रोजगार सृजन करें और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में सहभागी बनें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सामाजिक संगठन केवल परंपराओं को जीवित नहीं रखते, बल्कि समाज को नई दिशा और ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने युवाओं से समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा अपने ज्ञान, कौशल और प्रतिभा का उपयोग जनकल्याण के लिए करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश चंद्राकर ने समाज का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि समाज में संगठन और सामाजिक एकता की गौरवशाली परंपरा रही है। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह अधिवेशन समाज की एकजुटता, सामाजिक जागरूकता और विकास के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि यह अधिवेशन का 55वां वर्ष है, जो समाज की सतत प्रगति और संगठनात्मक शक्ति को दर्शाता है।

लोकसभा सांसद विजय बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज ने शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया है। समाज के लोग सदैव राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और विकासोन्मुख सोच के साथ आगे बढ़ते रहे हैं। उन्होंने युवाओं से प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं, उद्यमिता और नेतृत्व क्षमता के विकास पर विशेष ध्यान देने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठित समाज ही विकास की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करता है।

कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि समाज की सबसे बड़ी पूंजी उसकी शिक्षा, अनुशासन और संगठन शक्ति होती है। चन्द्रनाहू समाज ने इन तीनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन और युवाओं की ऊर्जा के समन्वय से आने वाला समय और अधिक उज्ज्वल होगा। उन्होंने समाज की एकता, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों को संरक्षित रखते हुए विकास की नई दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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