5 करोड़ की रंगदारी का खेल खत्म… 36 केस वाला खूंखार मोंटी एनकाउंटर में ढेर, गोलियों से गूंज उठा इलाका!
पुलिस पर बरसाईं 12 गोलियां, जवाबी कार्रवाई में गिरा इनामी बदमाश… हथियारों का जखीरा देखकर अफसर भी चौंके

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बुधवार रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में एक कुख्यात बदमाश का खौफनाक अंत हो गया। 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी आशू उर्फ मोंटी मुठभेड़ में मारा गया, जो लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
बताया जा रहा है कि मोंटी हाल ही में एक बड़े कारोबारी से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जानलेवा हमले के मामले में फरार चल रहा था। यह पूरा मामला सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित ‘वजीरचंद एक्सपोर्ट फर्म’ से जुड़ा है, जहां 12 मार्च को फर्म मालिक अरशू ढल को एक अनजान नंबर से धमकी भरा कॉल आया था। आरोपी ने व्हाट्सएप के जरिए गाली-गलौज करते हुए 5 करोड़ रुपये की मांग की और रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
खौफ यहीं खत्म नहीं हुआ। 15 मार्च को बाइक सवार बदमाशों ने फर्म के गेट पर फायरिंग कर दी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। इसके बाद से पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी।
पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि मोंटी बुधवार रात रंगदारी की रकम लेने मुरादाबाद आने वाला है। इसी इनपुट के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने घेराबंदी की। जैसे ही बदमाश को घेरा गया, उसने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि उसने करीब 12 राउंड गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला।
मुठभेड़ के बाद जब स्थिति काबू में आई, तो मोंटी गंभीर रूप से घायल पड़ा मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं, जिनमें पिस्टल, रिवॉल्वर, बंदूक और कई जिंदा कारतूस शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मारा गया बदमाश हापुड़ का रहने वाला था और उस पर अलग-अलग थानों में 36 आपराधिक मामले दर्ज थे।
सतपाल अंतिल ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इस कार्रवाई को पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
इस एनकाउंटर के बाद इलाके में राहत की सांस जरूर ली जा रही है, लेकिन यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर ऐसे अपराधी इतनी आसानी से बड़े अपराधों को अंजाम देने की हिम्मत कैसे जुटा लेते हैं।












