झारखंड की अर्थव्यवस्था का सुनहरा भविष्य…2029-30 तक 10 ट्रिलियन की ऊंचाई पर पहुंचेगी…प्रति व्यक्ति आय में 14% का इजाफा

Golden future of Jharkhand's economy... It will reach the height of 10 trillion by 2029-30... 14% increase in per capita income

रांची: प्रकृति की गोद में बसा झारखंड को लेकर हमेशा यह बातें होती रही हैं कि प्राकृतिक संसाधनों से भले ही यह राज्य अमीर है, मगर यहां के लोग बेहद ही गरीब हैं. इन बातों में काफी हद तक सच्चाईयां भी है. मगर सुखद बात यह भी है कि पिछले कुछ वर्षों में लोगों की आय में तेजी से वृद्धि हुई है. जिस वजह से गरीबी कम हुई है.

झारखंड में कितनी है प्रति व्यक्ति आय

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झारखंड सरकार के पांचवां वित्त आयोग द्वारा हाल ही में जारी की गई पहली रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में लोगों की आमदनी 1 लाख 14 हजार 271 रुपए थी जो 2025-26 तक बढ़कर 1 लाख 24 हजार 079 रुपये होने का अनुमान है. जबकि राज्य स्थापना काल के तुरंत बाद 2001-02 में प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 1 लाख 451रुपये थी. यानी 25 वर्षों के कालखंड में झारखंड में लोगों की प्रति व्यक्ति आमदनी में 12 गुणा से अधिक का उछाल आया है जो राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत है.

झारखंड में गरीबी हुई कम

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झारखंड में एक तरफ जहां प्रति व्यक्ति आय में इजाफा हुआ है. वहीं दूसरी तरफ गरीबी में भी कमी आई है. नीति आयोग के आंकड़ों पर नजर दें तो 2015-16 में 42.10% गरीबी झारखंड में थी. जो 2019-21 में घटकर 28.81% हो गई. अगर देश में गरीबी की स्थिति की बात करें तो 2015-16 में 24.85% थी जो कम होकर 14.96% हो गया है. शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में गरीबी की बात करें तो 2019-2 1 में जारी आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी 2015-16 की तुलना में काफी कम हुई है. 2015-16 में झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में 50.92% गरीब थे, वहीं 2019-21 में यह आंकड़ा घटकर 34.93% पर आ गया है. इसी तरह शहरी क्षेत्र की बात करें तो 2019-21 में 8.67 प्रतिशत गरीब शहरी क्षेत्र में हैं, जबकि 2015-16 के आंकड़ों के अनुसार इनकी संख्या 15.04 प्रतिशत थी.

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