झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में नये सत्र से हो सकता है बदलाव, शिक्षा मंत्री के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने भी दी सहमति, झारखंड से जल्द ही टीम जायेगी…

There may be changes in the education system of Jharkhand from the new session, the Chief Minister also agreed to the proposal of the Education Minister, the team will go from Jharkhand soon...

Jharkhand Education News: हेमंत सोरेन की नयी सरकार बनने के बाद से ही शिक्षा स्वास्थ्य जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं पर बड़ा ध्यान दिया जा राह है। स्वास्थ्य मंत्री रामदास सोरेन पहले ही इस बात के संकेत दे चुके हैं कि शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जायेगी। वो खुद भी लगातार स्कूलों का दौरा कर रहे हैं और व्यवस्था सुधारने का काम कर रहे हैं। इस बीच शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने कहा है कि झारखंड में पश्चिम बंगाल की तर्ज पर जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई शुरू की जायेगी।

 

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शिक्षा मंत्री ने इसे लेकर जल्द ही राज्य की ओर से एक टीम को पश्चिम बंगाल भेजने की भी बात कही है। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि सरकार स्कूलों में जनजातीय भाषा की पढ़ाई बेहतर करेगी। प्राइमरी कक्षाओं से ही जनजातीय भाषा की पढ़ाई शुरू की जायेगी। जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक सुदृढ़ की जायेगी।

 

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पदाधिकारियों और शिक्षाविदों की टीम पश्चिम बंगाल के स्कूलों में हो रही जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई की जानकारी लेगी। विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति से लेकर पाठ्यक्रम तक की जानकारी लेने के बाद रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके आधार पर प्रदेश में जनजातीय भाषा की पढ़ाई को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जायेगा।

 

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जानकारी के मुताबिक शिक्षा मंत्री के प्रस्ताव पर मख्यमंत्री ने भी सहमति जतायी है। पिछले दिनों शिक्षा मंत्री की मुख्यमंत्री से इस संदर्भ में चर्चा भी हो चुकी है। स्कूली शिक्षा विभाग की टीम जल्द ही बंगाल जायेगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की टीम जनवरी में बंगाल जाकर वहां की व्यवस्था को देखेगी।

 

शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शिक्षा विभाग में इस व्यवस्था को लेकर अपनी रजामंदी दे दी है। अब स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की एक टीम जनवरी के पहले सप्ताह में पश्चिम बंगाल जायेगी. टीम में जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा के शिक्षाविद के अलावा विभाग के पदाधिकारी शामिल रहेंगे।

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