ये डाक्टर होंगे बर्खास्त : लंबे समय से गायब डाक्टर ना ड्यूटी कर रहे ज्वाइन, ना नोटिस का दे रहे जवाब, अब बर्खास्तगी के साथ रजिस्ट्रेशन रद्द की गिरेगी गाज

रांची। स्वास्थ्य व्यवस्था पर सतर्क हेमंत सरकार अब लापरवाह डाक्टरों पर गाज गिराने की तैयारी में हैं। राज्य सरकार ने वैसे डाक्टरों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है, जो ड्यूटी से गायब तो है ही, राज्य सरकार के नोटिस का जवाब देना तक मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। राज्य सरकार ने लगातार अनधिकृत रूप से ड्यूटी से गायब रहनेवाले चिकित्सकों को बर्खास्त करने के साथ-साथ निबंधन रद करने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने तीन अन्य ऐसे चिकित्सकों की पहचान की है, जो लंबे समय से ड्यूटी से गायब हैं।

सरकार इन्हें बर्खास्त करने तथा नेशनल मेडिकल कमीशन एवं झारखंड मेडिकल काउंसिल से रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए प्रस्ताव भेजने का भी फैसला लिया है। जिन चिकित्सकों पर गाज गिरने वालीहै, उनमें गढ़वा के पीएचसी, रहेला में पदस्थापित चिकित्सा पदाधिकारी डा. इक्फत रसूल, बोकारो के चंदनकियारी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित डा. रिंकू कुमारी तथा सदर अस्पताल, गिरिडीह में पदस्थापित डा. फरहाना शामिल हैं। डा. इफ्फत रसूल छह जनवरी 2020, डा. रिंकू कुमारी 20 नवंबर 2015 तथा डा. फरहाना तीन अगस्त 2021 से गायब हैं।

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इन तमाम डाक्टरों को ड्यूटी ज्वाइन करने का नोटिस जारी हो चुका है। लेकिन इनलोगों ने जवाब तक नहीं दिया है। अब इन्हें आखिरी अल्टीमेटम के साथ नोटिस जारी किया जा रहा है। अगर इस बार इन्होंने नाफरमानी की, तो तो तीनों चिकित्सकों को नौकरी से डिसमिस कर दिया जायेगा।

गायब डाक्टर का वेतन रूका

वहीं गुमला में ड्यूटी से गायब डाक्टर ज्योति कुजूर का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है। गुमला के भरनो स्थित पीएचसी में पदस्थापित डा. ज्योति 13 मार्च 2020 से 30 सितंबर 2021 तक गायब थी। इनके खिलाफ जांच भी बैठी थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर उक्त अवधि का वेतन व भत्ता नहीं देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही उक्त अवधि की गणना उनके पेंशन अवधि में नहीं की जाएगी और सर्विस ब्रेक किया जायेगा।

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इधर, जामताड़ा के तत्कालीन सिविल सर्जन डा. महावीर प्रसाद गोपालिका की पेंशन की राशि से 10% कटौती पांच वर्षों तक करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों चिकित्सकों से दूसरी स्पष्टीकरण पूछा गया है। डा. गोपालिका के विरुद्ध कार्रवाई का निर्णय विभिन्न आरोपों के तहत जांच रिपोर्ट के आधार पर किया गया है।

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