ये जीजाजी ना…! जीजा को मैट्रिक पास कराने के चक्कर में साला चला गया जेल, मुन्नाभाई बनकर दे रहा था परीक्षा, फिर ऐसे फूटा भांडा

This brother-in-law...! Brother-in-law went to jail for helping his brother-in-law pass matriculation, he was giving the exam as Munnabhai, then the matter got exposed like this

10th Board News : जीजा को मैट्रिक पास कराने के चक्कर में साला जेल चला गया। ये अनूठा मामला छत्तीसगढ़ के रायगढ़ का है, जहां जीजा के लिए साला मुन्नाभाई बनकर परीक्षा दे रहा था। परीक्षा के दौरान केंद्राधीक्षक की नजर फर्जी अभ्यर्थी पर पड़ गयी, जिसके बाद सारा भांडा फूट गया। मुन्नाभाई बना साला तो जेल गया ही, जीजाजी को भी बाद में पकड़कर जेल भेज दिया गया।

 

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दरअसल छत्तीसगढ़ में इन दिनों ओपन बोर्ड की 10वीं की परीक्षा चल रही है। इसी परीक्षा में एक युवक ने फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ की तर्ज पर अपने साले को अपनी जगह परीक्षा देने भेज दिया। रायगढ़ की पुसौर पुलिस ने आरोपी जीजा- साला को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

 

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जानकारी के मुताबिक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झलमला में ओपन बोर्ड की परीक्षा चल रही है। सुबह 9 बजे से 12 बजे तक कक्षा 10वीं की विज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा कक्ष क्रमांक 01 में पर्यवेक्षक जब उपस्थिति पत्रक की जांच कर रहे थे, तभी उन्हें एक परीक्षार्थी पर शक हुआ।

 

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जब प्रवेश पत्र में लगी फोटो और परीक्षा दे रहे युवक के चेहरे का मिलान किया गया, तो स्पष्ट हो गया कि दोनों अलग- अलग लोग हैं। परीक्षा केंद्र के प्राचार्य कामता नाथ तिवारी ने तत्काल पुसौर थाना को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया।

 

पूछताछ में उसने खुद को अमन सारथी (18), पिता पंचराम सारथी, निवासी सराईपाली, थाना कोतरारोड, जिला रायगढ़ बताया। जब जांच आगे बढ़ी, तो पता चला कि, अमन असल परीक्षार्थी नहीं है। बल्कि, वह अपने जीजा यादराम सारथी (27) की जगह परीक्षा देने आया था।

 

असली परीक्षार्थी यादराम सारथी फरार मिला, तो पुलिस ने तत्काल उसकी तलाश शुरू की और धरमजयगढ़ में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यादराम ने स्वीकार किया कि वह परीक्षा में पास होने के लिए अपने साले अमन को प्रलोभन देकर अपनी जगह बैठाया था।

 

पुलिस ने प्राचार्य की शिकायत पर थाना पुसौर में अमन सारथी और यादराम सारथी के खिलाफ अपराध क्रमांक 82/2025, धारा- 318 (4), 319 (2), 61 (2), 3 (5) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया।

 

इसके अलावा, जांच में छत्तीसगढ़ मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम 1937 की धारा 04 भी जोड़ी गई, जो परीक्षा में धोखाधड़ी और प्रतिरूपण से जुड़ी गड़बड़ियों पर लागू होती है। पुलिस ने इस मामले में शिक्षा अधिकारी का आदेश पत्र, परीक्षा का टाइम टेबल, परीक्षार्थी उपस्थिति पत्र, आरोपी की उत्तर पुस्तिका और मोबाइल से ली गई तस्वीरें जब्त कर ली हैं।

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