झारखंड में तीन शिक्षक सस्पेंड: शिक्षकों से वसूली मामले में हुई बड़ी कार्रवाई, तीन शिक्षकों को किया गया निलंबित, कुछ और पर गिरेगी गाज

Three teachers suspended in Jharkhand: Major action taken in extortion case, three teachers suspended, some more to be punished

Jharkhand Teacher Suspend : शिक्षकों से वसूली मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। शिक्षा विभाग ने तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग में हुई इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है। पूरा मामला पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा का है, जहां शिक्षकों से लाखों रुपये की अवैध वसूली की शिकायत मिली थी। जिसके बाद अब जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।

 

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उपायुक्त चंदन कुमार के आदेश पर तीन शिक्षकों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। आरोप है कि इन शिक्षकों ने वेतन भुगतान के नाम पर अन्य शिक्षकों से 35 से 40 लाख रुपये तक की वसूली की थी। जांच में बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर होने के प्रमाण भी मिले हैं।

 

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स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों से बकाया वेतन भुगतान कराने के नाम पर लाखों रुपये की अवैध वसूली के आरोप में तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उपायुक्त चंदन कुमार के आदेश पर विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। निलंबित शिक्षकों में राकेश महतो (मारवाड़ी प्लस टू उच्च विद्यालय, चक्रधरपुर), प्रदीप फेडरिक मिंज (प्लस टू उच्च विद्यालय, गोइलकेरा) और अलोक आनंद मुंडू (प्लस टू उच्च विद्यालय, कुल्डा, बंदगांव) शामिल हैं।

 

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शिक्षा विभाग ने इस मामले में जांच को और तेज कर दिया है तथा अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

 

जानिये क्या है पूरा मामला:

मामला स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों से संबंधित है। आरोप है कि जिले के पांच शिक्षकों ने अपने सहकर्मियों से यह कहकर बड़ी रकम वसूली कि वे उनके बकाया वेतन की फाइल को मंजूरी दिलवाने में मदद करेंगे। शिक्षकों से करीब 35 से 40 लाख रुपये तक की राशि वसूली गई, जो ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और नकद भुगतान के माध्यम से ली गई थी।

 

इस अनियमितता का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित शिक्षकों के एक समूह ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि न तो वेतन भुगतान हुआ और न ही ली गई रकम वापस की गई। इसके बाद उपायुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए।

 

प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा:

जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तीन शिक्षकों की संलिप्तता सामने आई है। उन्होंने कहा, “तीनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच आगे बढ़ाई जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

 

जांच में यह भी सामने आया कि वसूली की गई रकम में से एक बड़ा हिस्सा शिक्षक अलोक आनंद मुंडू की पत्नी अमिता आइंद के बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया था। विभाग ने अब अलोक मुंडू और उनकी पत्नी दोनों से पिछले तीन महीनों का बैंक स्टेटमेंट मांगा है, ताकि लेन-देन की पुष्टि की जा सके।

 

इसी तरह, शिक्षक प्रदीप फेडरिक मिंज से भी उनके सभी बैंक खातों का विवरण तलब किया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं तो दोषियों की सेवा समाप्ति सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

जांच में और नाम आने की संभावना:

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल तीन शिक्षकों तक सीमित नहीं है। जांच में कुछ अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। विभागीय टीम अब ट्रांजेक्शन डिटेल, कॉल रिकॉर्ड और शिकायतकर्ताओं के बयानों के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगा रही है।

चाईबासा जिले में यह मामला अब शिक्षण संस्थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार और सिफारिश संस्कृति पर भी सवाल खड़े कर रहा है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।

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