OMG! कार के अंदर था ऐसा राज कि पुलिस भी रह गई हैरान! बेंगलुरु से होसुर जा रही क्रेटा से मिले 9 करोड़ रुपये
नाइट पेट्रोलिंग के दौरान रोकी गई संदिग्ध कार, 2 लोग हिरासत में; घरों से भी मिले 1.3 करोड़ रुपये, आयकर विभाग की जांच तेज

बेंगलुरु: बेंगलुरु से तमिलनाडु के होसुर जा रही एक क्रेटा कार से 9 करोड़ रुपये नकद बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया। इलेक्ट्रॉनिक सिटी पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग टीम ने मंगलवार रात संदिग्ध कार को रोका था। जांच के बाद कार में भारी मात्रा में नकदी होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद वाहन और उसमें सवार दो लोगों को आयकर विभाग के अधिकारियों के हवाले कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, KL 20 T 8629 नंबर की क्रेटा कार में कथित तौर पर बड़ी रकम बेंगलुरु से होसुर ले जाई जा रही थी। बेंगलुरु आयकर विभाग की यूनिट-22 के डिप्टी डायरेक्टर जगदीश के अनुरोध पर इलेक्ट्रॉनिक सिटी पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग टीम ने होसुर रोड पर BETL टोल पार करने के बाद सिग्नल के पास कार को रोका।
पुलिस स्टेशन पहुंची कार, तलाशी में खुला बड़ा राज
पुलिस ने कार को जांच के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिटी पुलिस स्टेशन पहुंचाया। कार में सवार दोनों लोगों को भी पूछताछ के लिए आयकर अधिकारियों की टीम को सौंप दिया गया।
इसके बाद आयकर अधिकारियों ने कार की तलाशी ली, जिसमें कुल 9 करोड़ रुपये नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई। हिरासत में लिए गए लोगों में 42 वर्षीय सचिन भी शामिल है।
सिंधु ज्वैलर्स से जुड़ा होने का दावा
जांच में सामने आया है कि हिरासत में लिए गए लोगों का कथित संबंध तमिलनाडु के थूथुकुडी स्थित सिंधु ज्वैलर्स से है। हालांकि, इतनी बड़ी रकम कार में क्यों रखी गई थी और इसे बेंगलुरु से होसुर क्यों ले जाया जा रहा था, इसे लेकर अभी जांच जारी है।
आयकर विभाग के अधिकारियों ने दोनों से पूछताछ शुरू कर दी है और नकदी के स्रोत तथा उसके इस्तेमाल के उद्देश्य का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
घरों पर भी कार्रवाई, 1.3 करोड़ रुपये और मिले
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ तमिलनाडु के आयकर अधिकारियों ने संबंधित लोगों के घरों पर भी कार्रवाई की। यहां से करीब 1.3 करोड़ रुपये अतिरिक्त नकद बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस तरह कार से बरामद 9 करोड़ रुपये और घरों से मिली अतिरिक्त रकम को लेकर जांच का दायरा और बढ़ गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल—9 करोड़ रुपये आखिर किसके थे?
आयकर विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि कार से बरामद 9 करोड़ रुपये और घरों से मिले 1.3 करोड़ रुपये का असली स्रोत क्या है? इतनी बड़ी रकम को बेंगलुरु से होसुर ले जाने की वजह क्या थी और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था?
फिलहाल दोनों लोगों से पूछताछ जारी है। आयकर विभाग की विस्तृत जांच के बाद ही नकदी के स्रोत और पूरे मामले की असली तस्वीर साफ हो सकेगी।












