दो DEO- RDDE होंगे बर्खास्त : शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला, निलंबन के बाद अब दो डीईओ की जायेगी नौकरी, RDDE पर भी गिरेगी बर्खास्तगी की गाज

Two DEOs and RDDEs to be dismissed: Major scam in the education department; two DEOs will be suspended, and RDDE will also face dismissal.

School Education News : शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई होने जा रही है। राज्य सरकार ने दो DEO को बर्खास्त करने की तैयारी कर ली है। वहीं एक क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDDE) को भी बर्खास्त करने की तैयारी है। राज्य सरकार ने इसे विभागीय प्रकिया तेज कर दी है। दरअसल दोनों डीईओ और आरडीडीई फिलहाल निलंबित है। सभी के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप है।

 

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बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि बिहार में घोटाले के आरोपों में घिरे दो निलंबित जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और एक क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDDE) को जल्द ही सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी।

 

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बर्खास्तगी की कार्रवाई जिन अधिकारियों पर प्रस्तावित है, उनमें किशनगंज जिले के निलंबित जिला शिक्षा पदाधिकारी सुभाष गुप्ता, पश्चिम चंपारण के निलंबित डीईओ रजनीकांत प्रवीण और तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (आरडीडीई) वीरेंद्र नारायण सिंह शामिल हैं। इन तीनों अधिकारियों पर शैक्षणिक योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप हैं, जिनकी जांच विजिलेंस ब्यूरो और विशेष निगरानी इकाई द्वारा की जा रही है।

 

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शैक्षणिक योजनाओं में करोड़ों की गड़बड़ी

आपको बता दें कि किशनगंज और पश्चिम चंपारण में तैनात रहे तत्कालीन डीईओ सुभाष गुप्ता और रजनीकांत प्रवीण के कार्यकाल के दौरान कई शैक्षणिक योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं। जांच में यह खुलासा हुआ है कि बेंच-डेस्क की खरीद, आईसीटी लैब के निर्माण, नाइट गार्ड की नियुक्ति, विद्यालय भवनों के जीर्णोद्धार और प्रयोगशालाओं के अपग्रेडेशन जैसे कार्यों में करोड़ों रुपये की अनियमितताएं की गईं।

 

इन मामलों में संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा कराई गई जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने दोनों अधिकारियों को पहले ही निलंबित कर दिया था। इसके साथ ही विजिलेंस ब्यूरो को विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा गया था। मंत्री के अनुसार, विजिलेंस की जांच अब अंतिम चरण में है और रिपोर्ट आते ही बर्खास्तगी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

 

RDDE पर आय से अधिक संपत्ति का मामला

तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के तत्कालीन क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक वीरेंद्र नारायण सिंह पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। इस मामले में विशेष निगरानी इकाई ने पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया स्थित उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, सोने के आभूषण और संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे।इन खुलासों के बाद वीरेंद्र नारायण सिंह को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। फिलहाल उनके खिलाफ जांच जारी है और सरकार का रुख साफ है कि दोषी पाए जाने पर उन्हें भी सेवा से बर्खास्त किया जाएगा।

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