ब्रेकिंग : 1 करोड़ इनामी भाकपा टॉप माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य प्रमोद मिश्रा समेत दो नक्सली गिरफ्तार

रांची : माओवादियों के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रमोद मिश्रा को सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया है. प्रमोद मिश्रा के साथ उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया है. प्रमोद मिश्रा को सुरक्षा एजेंसी और विभिन्न बलों ने झारखंड – बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र से गिरफ्तार किया है. हालांकि यह इलाका बिहार के गया से जुड़ा हुआ है.

प्रमोद मिश्रा माओवादियों का पोलित ब्यूरो सदस्य है. उस पर झारखंड में एक करोड़ के इनाम का प्रस्ताव था. प्रमोद मिश्रा से विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं. कुछ महीने पहले तक प्रमोद मिश्रा सारंडा के इलाके में मौजूद था. मिली जानकारी के अनुसार प्रमोद मिश्रा माओवादियो ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो के सुप्रीमो की दौड़ में शामिल था. माओवादियों के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो में झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल और नॉर्थ ईस्ट के राज्य शामिल हैं।

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मिसिर बेसरा को प्रमोद मिश्र ने बनाया था भाकपा माओवादी के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो का सुप्रीम कमांडर

प्रमोद मिश्र ने इस साल फरवरी माह में एक करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को भाकपा माओवादी संगठन ने ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो (ईआरबी) का सुप्रीम कमांडर बनाया था. इसके अंतर्गत झारखंड, बिहार, बंगाल, यूपी और पूर्वी भारत के राज्य आते हैं. इसका मुख्यालय सारंडा में स्थित है.

सारंडा में सेंट्रल कमेटी के सदस्यों की बैठक हुई थी. इसी बैठक में मिसिर बेसरा को ईआरबी का सुप्रीम कमांडर चुना गया. बैठक के बाद टॉप माओवादी प्रमोद मिश्रा सारंडा के इलाके से निकलकर बाहर चला गया था. पहले चर्चा थी कि प्रमोद मिश्रा को माओवादियों ने आरबी का सुप्रीम कमांडर बनाया है. इसके पहले एक करोड़ का इनामी नक्सली प्रशांत बोस ईआरबी का सुप्रीम कमांडर था.

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माओवादियो के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा और प्रमोद मिश्रा के बीच ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो के कमांडर को लेकर विवाद था. प्रमोद मिश्रा मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला है. इससे पहले पुलिस ने 2008-09 में प्रमोद मिश्रा को गिरफ्तार किया था. 2006 में माओवादियों ने उसको पोलित ब्यूरो सदस्य बनाया था.

पीप्रमोद मिश्रा पर झारखंड और बिहार में दो दर्जन से अधिक नक्सल हमले को अंजाम देने का आरोप है. वो झारखंड बिहार सीमा पर मौजूद छकरबंधा के इलाके में माओवादियो को मजबूत कर रहा था. जून 2022 में छकरबंधा के इलाके को सुरक्षाबलों ने खाली करवाया था. उस दौरान खबर निकल कर सामने आई थी कि प्रमोद मिश्र सारंडा भाग गया था. सारंडा के इलाके में कई नक्सली हमले का भी वो आरोपी है.

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