झारखंड : आयुष्मान योजना पर हेमंत सरकार ले आई कौन सा नियम…क्यों बिफरे बाबूलाल?

झारखंड में आयुष्मान भारत योजना को लेकर सियासत छिड़ गई है. आखिर ऐसा क्या हुआ? हेमंत सोरेन ने क्या बदलाव किए है. और बाबूलाल मरांडी ने क्या कुछ प्रतिक्रिया दी है.

दरअसल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल ने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी को झारखंड सरकार के जारी किए गए नियम के बारे बताया. उनका कहना है कि झारखंड सरकार की एक अव्यवहारिक फैसले ने आमजनों के लिए समस्याएं पैदा कर दी है.

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बाबूलाल मरांडी ने अपने ट्वीट में पीएम मोदी को टैग करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की धरती से विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत की शुरुआत की थी, लेकिन अब झारखंड सरकार की एक अव्यवहारिक फैसले ने आमजनों के लिए समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैं.

आयुष्मान भारत के तहत झारखंड सरकार ने नया नियम जारी किया है, जिसमें केवल 50 बेड (शहरी) और 30 बेड (ग्रामीण) वाले निजी अस्पताल ही योजना में शामिल होंगे.

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इससे सैकड़ों छोटे अस्पताल बाहर हो जाएंगे, जिससे गरीब मरीजों को इलाज में दिक्कत होगी. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां छोटे अस्पतालों पर निर्भरता ज्यादा है, मरीजों को महंगे और दूर के बड़े अस्पतालों में जाना पड़ेगा. इससे स्वास्थ्य सेवाएं गरीबों के लिए और सीमित हो जाएंगी.

हेमंत सोरेन को पुनर्विचार करने को कहा

इसके अलावे उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन को भी टैग करते हुए लिखा कि इस निर्णय पर पुनर्विचार करें और इसे तुरंत वापस लें, ताकि कोई भी व्यक्ति आयुष्मान योजना के लाभ से वंचित न हो. अगर कहीं गड़बड़ी हो रही है, तो उसकी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें.

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लेकिन ऐसा आदेश न दें जिससे किसी को आयुष्मान योजना के लाभ से वंचित होना पड़े. ये तो हो गई बात बाबूलाल मरांडी ने क्या कुछ कहा. अब आपको बताते है राज्य सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के नियमों में क्या बदलाव करने जा रही  है.

हेमंत सरकार ने नियम में किए ये बदलाव

मीडिया रिपोर्ट्स के माने तो झारखंड में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना एवं अबुआ स्वास्थ्य योजना के तहत नई बीमा अवधि शुरू कर दी गई है. 10 फरवरी को राज्य  में सूचीबद्ध सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में पुरनी बीमा की अवधि के समाप्त होते ही इस योजना की नई बीमा अवधि लागू कर दिए जाएगी.

नए बीमा अवधि के दौरान राज्य के सभी पात्र लाभुक इसका लाभ ले सकेंगे और पहले की तरह सभी सूचीबद्ध निजी और सरकारी अस्पतालों में अपना निः शुल्क इलाज करा सकेंगे.

इतने लाख लाभुकों को मिलेगा लाभ

स्वास्थ्य विभाग एवं झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के अनुसार राज्य के 66 लाख से अधिक लाल, पीला एवं हरा राशन कार्डधारी परिवार इस योजना का लाभ ले सकेंगे. साथ ही विभाग द्वारा नई बीमा अवधि से एचबीपी 2022 (हेल्थ बेनिफिट पैकेज) लागू किया गया है.

इसके अंतर्गत 534 नये पैकेज भी शामिल किए गये हैं एवं पुराने पैकजों की दर को संशोधित किया गया है. हेल्थ बेनिफिट पैकेज-2022 में प्रशासक देखभाल पैकेज (पैलिएटिव केयर पैकेज), उच्च अंत प्रक्रियाएं (हाई एंड प्रोसेस) जैसे बोन मैरो ट्रांसप्लांट और कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी आदि प्रक्रियाएं भी सम्मिलित की गई हैं.

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