कौन है इंस्पेक्टर तिवारी : 355 करोड़ वाले सांसद धीरज साहू के ठिकानों से मिला है एक पैकेट, लॉकर खोलते ही IT अफसर भी चौक गये

रांची। कांग्रेसी नेता और कारोबारी धीरज साहू के घर मिली अकूत संपत्ति इनदिनों सुर्खियों में हैं। कांग्रेस सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर मिले कैश का आंकड़ा 350 करोड़ के पार पहुंच गया है। ओडिशा और पश्चिम बंगाल के ठिकानों पर आयकर की छापेमारी अब खत्म हो गई। छह दिसंबर से इन जगहों पर छापेमारी चल रही थी। कैश कुल 354 करोड़ रुपए मिले हैं, हालांकि कई जगहों पर यह आंकड़ा 500 करोड़ के पार भी बताया जा रहा है।

छापेमारी की कार्रवाई ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में स्थित साहू ग्रुप की कंपनियों में हुई है। इस दौरान ओडिशा स्थित बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड से 300 करोड़ रुपए मिले थे। इन पैसों को 176 बैग में भरकर रखा गया था। यहां से बरामद किए गए पैसों की गिनती के लिए 80 अफसरों की 9 टीमें लगाई गई थीं, जिन्होंने 24 घंटे की शिफ्ट में काम किया है। ओडिशा के बोलांगीर स्टेट बैंक में गिनती करा रहे बैंक के रीजनल हेड भगत बेहेरा ने रविवार की देर रात कहा कि 176 बैग की गिनती पूरी हो चुकी है। इनमें 305 करोड़ कैश मिला है।

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वहीं, टिटलागढ़ में साहू ब्रदर्स के पार्टनर दीपक साहू व संजय साहू के आवास से 11 करोड़, संबलपुर में बलदेव साहू संस एंड ग्रुप कंपनीज की शराब भट्टी से 37.50 करोड़ रुपए मिले हैं। इन नोटों की गिनती संबलपुर स्टेट बैंक में चल रही थी। शनिवार रात 9 बजे गिनती खत्म हो गई थी। आयकर सूत्रों के अनुसार लोहरदगा स्थित आवास से 11 करोड़ और रांची से तीन करोड़ रुपए मिले हैं। साहू ग्रुप पर टैक्स चोरी के मामले में आयकर विभाग की छापेमारी 6 दिसंबर से चल रही है।

उड़ीसा के बलांगीर के सुदापाड़ा में शराब कंपनी के कार्यालय में एक लोहे के लॉकर को काटकर भारी नकदी बरामद की गई। इसमें एक पैकेट में अलग से पांच लाख रुपए रखे मिले। इस पैकेट के ऊपर ‘इंस्पेक्टर तिवारी’ लिखा हुआ था। इसको देखकर आयकर अधिकारी भी हैरान रह गए. सबके जेहन में एक ही सवाल कौंध रहा था कि आखिर ये ‘इंस्पेक्टर तिवारी’ कौन है, जिसके लिए अलग से पैसे रखे हैं। फिलहाल आयकर अधिकारी ‘इंस्पेक्टर तिवारी’ की सच्चाई पता करने की कोशिश में हैं।

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आशंका जताई जा रही है कि यह शख्स पुलिस, उत्पाद शुल्क या आबकारी विभाग से जुड़ा कोई इंस्पेक्टर हो सकता है. हो सकता है कि काली कमाई को छिपाने के लिए उसे हर महीने पांच लाख रुपए दिए जाते हों. ‘इंस्पेक्टर तिवारी’ के रहस्य ने इस छापेमारी में नया ट्विस्ट ला दिया है।

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