क्यों हुई IAS वंदना दादेल की सीएम सेक्रेटिएट से छुट्टी ? 10 महीने बाद राजीव की सचिवालय में वापसी महज इक्तेफाक तो नहीं

रांची। ED और हेमंत सरकार के टकराव के बीच IAS वंदना दादेल की मुख्यमंत्री सचिवालय से छुट्टी ने उन अटकलों को गरमा दिया है, कि क्या ये ED के रुख का असर है। वंदना की सीएमओ से छुट्टी के साथ ही 10 महीने बाद राजीव अरूण एक्का की सीएम सेक्रेटिएट में वापसी हुई है। मुख्यमंत्री से पूछताछ के ठीक पहले इस बदलाव ने चर्चाओं को गरमा दिया है।ये बदलाव उस वक्त हुआ है, जब वंदना की ED को लिखी गयी चिट्ठी खूब चर्चाओं में है। विपक्ष ने भी इस चिट्ठी कोलेकर राज्य के अधिकारियों की कार्यशैली और सोच पर सवाल उठाया था।

विवादों के बीच वंदला दादेल को मुख्यमंत्री की प्रिंसिपल सेकरेट्री से हटाकर मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। साथ ही महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग का उन्हें एडिश्नल चार्ज दिया गया है। ACS राजीव अरुण एक्का की सीएमओ में इंट्री हुई है, उन्हें मौजूदा कर्तव्यों के साथ-साथ सीएमओ का एडिश्नल चार्ज दिया गया है।

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IAS राजीव पंचायती राज विभाग में ACS थे। वहीं उनके पास एसटी-एससी, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव और राजस्व पर्षद के सदस्य का पद अतिरिक्त प्रभार था, लेकिन अब राजस्व पर्षद के सदस्य के पद पर फुल टाइम के लिए पदस्थापित करते हुए शेष जिम्मेदारियों को अतिरिक्त प्रभार में कनवर्ट कर दिया गया। जानकार बताते हैं कि वंदना दादेल की अचानक रवानगी और राजीव एक्का की 10 महीने बाद सीएम सचिवालय में इंट्री कोई इक्तेफाक नहीं हो सकता है, बल्कि इसके पीछे कोई ना कोई बड़ी वजह जरूर है।

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