जयराम महतो ने पेश की इंसानियत की मिसाल, घायल बाइक सवार का गमछे से बांधा जख्म, पहुंचाया अस्पताल
Jairam Mahto set an example of humanity; he bandaged an injured motorcyclist's wound with a *gamchha* (traditional cloth) and rushed him to the hospital.
धनबाद। पश्चिमी सिंहभूम जाने के दौरान धनबाद जिले के राजगंज–कतरास मुख्य मार्ग पर जयराम महतो ने सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल पड़े एक बाइक सवार को देखकर अपनी गाड़ी रोक दी और तत्काल उसकी मदद के लिए आगे आए।

घटना के समय अंधेरा था और सड़क का वह हिस्सा सुनसान था। घायल बाइक सवार के माथे और पैर में गंभीर चोट लगी थी, जिससे काफी रक्तस्राव हो रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जयराम महतो ने बिना समय गंवाए अपनी गाड़ी से गमछा निकाला और उसे फाड़कर घायल के चोटिल स्थानों पर बांधते हुए रक्तस्राव रोकने का प्रयास किया।
इसके बाद उन्होंने अपने अंगरक्षक के साथ घायल व्यक्ति को अपनी गाड़ी से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, ताकि उसका इलाज जल्द शुरू हो सके। साथ ही घटना की सूचना स्थानीय थाना प्रभारी को भी दी गई।
घायल को अस्पताल पहुंचाने और आवश्यक मदद सुनिश्चित करने के बाद जयराम महतो अपने मित्र की दूसरी गाड़ी से पश्चिमी सिंहभूम के लिए रवाना हुए।
इस घटना के माध्यम से जयराम महतो ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति को मदद की जरूरत हो, तो हम सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। किसी जरूरतमंद का सहारा बनना और किसी की जिंदगी बचाने की कोशिश करना मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।
जयराम महतो की इस तत्परता ने यह संदेश दिया कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती मदद और समय पर अस्पताल पहुंचाना जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।












