ब्रेकिंग:दिल्ली के DU के पास सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरी, 1 की मौत कई छात्रों के दबे होने की आशंका; गृह मंत्री अमित शाह ने रद्द किए कार्यक्रम, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत गिरी, कई छात्रों के दबे होने की आशंका

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। यहां एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत में छात्रों के लिए पीजी संचालित था। हादसे के बाद कई लोगों, जिनमें छात्र भी शामिल हैं, के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, कैट्स एंबुलेंस और अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। एनडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
एक की मौत, कई लोग घायल
ताजा जानकारी के मुताबिक हादसे में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई है। कुछ घायलों को इलाज के लिए AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक कई लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। हालांकि, कितने लोग अंदर थे और कितने लोग फंसे हैं, इसकी आधिकारिक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।
छात्रों के फोन आने का दावा
घटनास्थल से सामने आई जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों के मलबे के अंदर से फोन आने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद लोगों ने भी कई छात्रों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई है। हालांकि, इन दावों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। हालांकि घटना की जानकारी मिलते ही गृह मंत्री अमित शाहनी अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए है। वहीं मौके पर बड़ी अधिकारी और मंत्री पहुंच चुके है।
‘Hostel Daze’ के नाम से था पीजी
रिपोर्टों के मुताबिक ध्वस्त इमारत को ‘Hostel Daze’ के नाम से जाना जाता था और इसमें छात्रों के लिए पीजी accommodation था। यह इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के काफी करीब है, जहां बड़ी संख्या में छात्र पीजी और हॉस्टल में रहते हैं।
पुलिस के मुताबिक घटना की सूचना दोपहर करीब 1:34 बजे मिली। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। पुलिस ने लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है, ताकि रेस्क्यू टीमों और एंबुलेंस को आने-जाने में परेशानी न हो।
इमारत गिरने की वजह क्या?
स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत में बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। इमारत की उम्र और निर्माण कार्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। रेस्क्यू टीमें लगातार अभियान चला रही हैं और घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य जारी है।












