Weather Alert: बिहार में उफन रहीं नदियां, पहाड़ों पर भूस्खलन… महाराष्ट्र में चेरापूंजी से भी ज्यादा बारिश, अब इन राज्यों पर मंडराया खतरा
मानसून के कई सिस्टम एक साथ सक्रिय, बिहार-झारखंड समेत पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट; उत्तराखंड और हिमाचल में लैंडस्लाइड से जनजीवन प्रभावित

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। बिहार में नदियां उफान पर हैं तो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के बीच भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं महाराष्ट्र के अंबोली में हुई बारिश ने भी मौसम का चौंकाने वाला रिकॉर्ड बनाया है। यहां बारिश का आंकड़ा चेरापूंजी से भी आगे निकल गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय बना रह सकता है। कई राज्यों में भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
बिहार में नदियों का बढ़ा जलस्तर
लगातार हो रही बारिश के कारण बिहार की कई नदियों में जलस्तर बढ़ गया है। इससे नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने बिहार के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है।
हालात को देखते हुए बारिश प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन से परेशानी
उत्तराखंड में पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है।
पहाड़ों में बारिश के कारण सड़कें बाधित होने और मलबा आने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
हिमाचल में हाईवे पर भारी लैंडस्लाइड
हिमाचल प्रदेश में भी बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 पर भारी भूस्खलन की घटना सामने आई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के बीच सड़क पर मलबा आने से यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
अंबोली में चेरापूंजी से भी ज्यादा बारिश!
महाराष्ट्र के अंबोली में इस मानसून बारिश ने लोगों को हैरान कर दिया है। यहां चेरापूंजी से भी ज्यादा बारिश दर्ज होने की बात सामने आई है।
मौसम विभाग के अनुसार अगस्त तक अंबोली में करीब 250 इंच बारिश हो चुकी है। अनुमान है कि सितंबर तक यह आंकड़ा 400 इंच तक पहुंच सकता है।
इतनी भारी बारिश के कारण पश्चिमी घाट के इस इलाके में मौसम की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण बनी हुई है।
आज इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले ही कई जगहों पर बेहद भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है। बरेली में भी भारी बारिश हुई है, जबकि उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में भी काफी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
कई मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय
मौसम विभाग के मुताबिक इस समय कई वायुमंडलीय प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। मध्य उत्तर प्रदेश में बना कम दबाव का क्षेत्र, इससे जुड़ा मानसून ट्रफ, हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने वाले पश्चिमी विक्षोभ और बिहार-असम के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण का असर मौसम पर पड़ रहा है।
इन सभी सिस्टम के प्रभाव से आने वाले दिनों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
9 सितंबर तक इन राज्यों में बारिश का खतरा
मौसम विभाग के व्यापक पूर्वानुमान के अनुसार 9 सितंबर तक बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
इसके बाद भी उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, केरल, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
दक्षिण भारत में फिलहाल अलग रहेगा मौसम
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। हालांकि केरल में गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।
वहीं तेलंगाना में तेज सतही हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है। कुछ इलाकों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मानसून के इस दौर में कई मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। ऐसे में भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
खासकर नदी किनारे, निचले इलाकों और भूस्खलन संभावित पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।












