प्रेग्नेंसी में करवाचौथ व्रत: ये 7 बेहद जरूरी टिप्स…नहीं जाने पर पड़ सकता है बड़ा असर…जानें कौन-कौन सी बातें हैं बेहद जरूरी
Karva Chauth fast during pregnancy: 7 essential tips... failing to follow them can have serious consequences... learn which are crucial.

करवाचौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चांद देखकर अपना व्रत खोलती हैं। इस बार यह पर्व 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा। शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती हैं। लेकिन प्रेग्नेंसी में करवाचौथ व्रत थोड़ा अलग सावधानी से करना चाहिए, ताकि माँ और शिशु दोनों स्वस्थ रहें।
सबसे पहले, गर्भावस्था में निर्जल व्रत रखना सुरक्षित नहीं है। लंबे समय तक पानी ना पीने से डिहाइड्रेशन, थकान, कमजोरी और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए दिनभर हल्के-हल्के पेय पदार्थ जैसे नारियल पानी, छाछ, जूस या पानी पीते रहें।
सरगी में दूध और ड्राई फ्रूट्स शामिल करना बहुत जरूरी है। दूध शरीर को दिनभर ऊर्जा देता है और आपको थकान महसूस नहीं होती। इसके साथ हल्के फल और हेल्दी स्नैक्स लेने से भूख लंबे समय तक नियंत्रण में रहती है और शरीर को पर्याप्त पोषण मिलता है।
दिनभर हल्का और पौष्टिक आहार लेना चाहिए। हर दो घंटे में फल, जूस, नारियल पानी या दही जैसी चीजें लें। इससे आप तरोताजा रहेंगी और शिशु को जरूरी पोषण मिलेगा। साथ ही ज्यादा काम या थकान से बचें। दिनभर आराम करें, टीवी देखें या पढ़ाई करें।
जब शाम को व्रत खोलने का समय आए, तो हल्का और पौष्टिक खाना खाएं। तुरंत तली-भुनी या मसालेदार चीजें खाने से बचें। दूध, फल और हल्का खाना पेट पर हल्का पड़ेगा और व्रत सुरक्षित रूप से पूरा होगा।












