Momos Chutney: मोमोज की लाल चटनी देखकर बढ़ जाता है स्वाद… लेकिन कहीं यही चटनी आपकी सेहत की दुश्मन तो नहीं?

दिल्ली के स्ट्रीट फूड सैंपल की एक रिसर्च में चटनी की माइक्रोबायोलॉजिकल क्वालिटी पर उठे सवाल, कुछ सैंपल में खाने की सुरक्षा को लेकर सामने आई गंभीर चिंता

नई दिल्ली। मोमोज का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। वेज हो या नॉन-वेज, मोमोज के साथ मिलने वाली तीखी लाल चटनी इसका स्वाद और भी बढ़ा देती है। कई लोग तो मोमोज से ज्यादा चटनी खाना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सड़क किनारे मिलने वाली यह लाल चटनी आपकी सेहत के लिए कितनी सुरक्षित है?

एक रिसर्च में दिल्ली के स्ट्रीट फूड की माइक्रोबायोलॉजिकल क्वालिटी की जांच की गई। इसमें मोमोज और उनके साथ परोसी जाने वाली चटनी के सैंपल भी शामिल थे। रिसर्च के नतीजों ने स्ट्रीट फूड की साफ-सफाई और चटनी की फूड सेफ्टी को लेकर चिंता जरूर बढ़ाई है।

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रिसर्च में चटनी को लेकर क्या सामने आया?

रिसर्च के दौरान दिल्ली के अलग-अलग स्ट्रीट फूड के सैंपल की जांच की गई। इसमें 20 मोमोज सैंपल में केवल 9 सैंपल खाने योग्य पाए गए, जबकि जांच किए गए सभी 20 चटनी सैंपल फूड सेफ्टी के लिहाज से संतोषजनक नहीं पाए गए।

हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर जगह मिलने वाली लाल चटनी खराब या नुकसानदायक होती है। रिसर्च में जिन विशेष सैंपल की जांच की गई, उनमें माइक्रोबियल कंटैमिनेशन की समस्या सामने आई थी।

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ई-कोलाई और स्टेफिलोकोकस जैसे बैक्टीरिया का खतरा

स्ट्रीट फूड की सबसे बड़ी चिंता उसकी साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर होती है। यदि चटनी को लंबे समय तक खुले में रखा जाए या उसे तैयार करने और परोसने में स्वच्छता का ध्यान न रखा जाए, तो उसमें हानिकारक सूक्ष्मजीव पनप सकते हैं।

रिसर्च में चटनी के सैंपल की माइक्रोबियल क्वालिटी को लेकर चिंता जताई गई है। ई-कोलाई और स्टेफिलोकोकस जैसे बैक्टीरिया की मौजूदगी दूषित भोजन की ओर इशारा कर सकती है और ऐसे भोजन के सेवन से फूड-बोर्न बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।

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लाल रंग से लेकर ज्यादा मसाले तक… क्या-क्या मिलाया जाता है?

मोमोज की चटनी को आकर्षक रंग और तेज स्वाद देने के लिए अलग-अलग चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, हर विक्रेता एक ही सामग्री इस्तेमाल करता हो, यह जरूरी नहीं है।

1. आर्टिफिशियल फूड कलर

चटनी को ज्यादा लाल और आकर्षक दिखाने के लिए कुछ जगहों पर आर्टिफिशियल फूड कलर का इस्तेमाल किया जा सकता है। अनुमत सीमा से अधिक या गैर-अनुमोदित रंगों का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

2. ज्यादा नमक और मसाले

लाल चटनी को तीखा और स्वादिष्ट बनाने के लिए कई बार मिर्च, नमक और अन्य मसालों की मात्रा काफी ज्यादा रखी जाती है। बहुत तीखा या मसालेदार भोजन कुछ लोगों में पेट की परेशानी बढ़ा सकता है।

3. फ्लेवर बढ़ाने वाले पदार्थ

कुछ तैयार चटनियों में स्वाद बढ़ाने वाले एडिटिव्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि किसी खास पदार्थ से होने वाला असर उसकी मात्रा और व्यक्ति की संवेदनशीलता पर निर्भर करता है।

4. लंबे समय तक खुले में रखना

सबसे बड़ी समस्या केवल चटनी की सामग्री नहीं, बल्कि उसका रखरखाव भी हो सकता है। गर्मी और नमी में चटनी को लंबे समय तक खुले में रखने से उसमें माइक्रोबियल ग्रोथ का खतरा बढ़ सकता है।

क्या हर लाल चटनी से दूरी बना लें?

ऐसा जरूरी नहीं है। घर पर साफ-सफाई के साथ ताजी सामग्री से बनाई गई चटनी और घंटों तक खुले में रखी स्ट्रीट फूड चटनी की फूड सेफ्टी एक जैसी नहीं होती।

अगर आप बाहर मोमोज खा रहे हैं तो चटनी की ताजगी, साफ-सफाई और उसे रखने के तरीके पर ध्यान देना बेहतर है। जिस चटनी को काफी देर से खुले में रखा गया हो, उससे बचना समझदारी हो सकती है।

मोमोज के साथ चटनी खाते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • कोशिश करें कि चटनी ताजी और साफ-सफाई के साथ तैयार की गई हो।
  • ऐसे स्टॉल पर खाने से बचें जहां बर्तन, पानी और फूड काउंटर की सफाई ठीक न दिखे।
  • लंबे समय से खुले में रखी चटनी खाने से बचें।
  • चटनी में अजीब गंध, स्वाद या रंग में असामान्य बदलाव नजर आए तो उसे न खाएं।
  • घर पर मोमोज बना रहे हैं तो चटनी भी ताजी सामग्री से तैयार करें।
  • बहुत ज्यादा तीखी या मसालेदार चटनी का सेवन सीमित रखें, खासकर यदि इससे आपको पेट में परेशानी होती है।
  • मोमोज या चटनी खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें और स्थिति गंभीर लगे, तो डॉक्टर से सलाह लें।

आखिर बात सिर्फ लाल चटनी की नहीं है…

मोमोज के साथ मिलने वाली लाल चटनी अपने आप में खतरनाक नहीं कही जा सकती। असली सवाल है इसे कैसे बनाया गया, कितनी देर रखा गया और किस तरह परोसा जा रहा है। इसलिए अगली बार मोमोज की प्लेट सामने आए तो स्वाद के साथ उसकी साफ-सफाई पर भी एक नजर जरूर डालें।

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