झारखंड हाईकोर्ट ने गैंगस्टर अमन को दी जमानत, UAPA को भी हटाया, जमानत के बावजूद नहीं मिलेगी रिहाई

Jharkhand High Court grants bail to gangster Aman, UAPA also removed, will not release him despite bail

झारखंड हाईकोर्ट ने गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को जमानत देते हुए उसके खिलाफ लगाए गए यूएपीए के प्रावधानों को भी हटाने का आदेश दिया है। हालांकि, अन्य आपराधिक मामलों के लंबित होने के कारण उसे फिलहाल जेल से रिहाई नहीं मिल सकेगी।
________________________________________
रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को जमानत दे दी है। साथ ही अदालत ने उसके खिलाफ लगाए गए गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) के प्रावधानों को भी हटाने का आदेश दिया है। हालांकि, अन्य कई गंभीर मामलों में आरोपी होने के कारण अमन श्रीवास्तव को फिलहाल जेल से रिहाई नहीं मिल पाएगी।

ये फैसला झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनाया, जिसमें न्यायमूर्ति रंगोन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रदीप श्रीवास्तव शामिल थे। दोनों न्यायाधीशों ने मामले की सुनवाई के बाद अमन श्रीवास्तव की जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए उसे राहत दी। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष अमन श्रीवास्तव की ओर से यह दलील दी गई कि उसके खिलाफ लगाए गए यूएपीए के प्रावधान उचित नहीं हैं और इस मामले में उन्हें हटाया जाना चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अदालत ने दलीलों और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद उसकी याचिका को स्वीकार कर लिया और उसके खिलाफ लगाए गए यूएपीए के प्रावधानों को हटाने का आदेश दिया।गौरतलब है कि वर्ष 2023 में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने अमन श्रीवास्तव के खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी।

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि अमन श्रीवास्तव संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल था और रंगदारी वसूलने के लिए अपने गुर्गों के माध्यम से लोगों को धमकाता था। आरोपों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति रंगदारी देने से इनकार करता था, तो उसके खिलाफ फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दिलाया जाता था।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जांच एजेंसियों के अनुसार अमन श्रीवास्तव का नाम कई आपराधिक घटनाओं में सामने आया था, जिनमें जबरन वसूली, धमकी और हथियारों के इस्तेमाल जैसे आरोप शामिल थे। इन्हीं आरोपों के आधार पर उसके खिलाफ यूएपीए सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

हालांकि, हाईकोर्ट ने इस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी पहलुओं पर विचार करते हुए यह माना कि यूएपीए की धाराएं इस मामले में लागू नहीं होतीं। इसी आधार पर अदालत ने उसके खिलाफ लगाए गए यूएपीए के प्रावधानों को हटाने का आदेश दिया और उसे जमानत प्रदान कर दी।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इसके बावजूद अमन श्रीवास्तव को फिलहाल जेल से रिहाई नहीं मिल पाएगी। इसका कारण यह है कि उसके खिलाफ अन्य कई आपराधिक मामले लंबित हैं, जिनमें वह आरोपी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close