BIG NEWS: 600 करोड़ की ‘फीस’ का खेल या आरोपों का जाल? पशुपालन विभाग में घमासान, डायरेक्टर पर गंभीर आरोप से मचा हड़कंप
UP Animal Husbandry Department: 75 जिलों का बजट 15 जिलों में खपाने से लेकर घटिया दवाओं की खरीद तक के आरोप, डायरेक्टर ने भी शिकायतकर्ता पर दर्ज कराया केस

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पशुपालन विभाग में कथित भ्रष्टाचार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार ने विभाग के डायरेक्टर डॉ. राजेंद्र प्रसाद और CEO UPLDB डॉ. पीके सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों में करोड़ों रुपये की घटिया दवाओं की खरीद, जिलों के बजट में कथित गड़बड़ी और स्लॉटर हाउस शुल्क में करीब 600 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता जैसे मामले शामिल हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। दूसरी ओर, डायरेक्टर डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मनोज कुमार और उनके बेटे समर्थ चौधरी के खिलाफ हसनगंज थाने में FIR दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन पर झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने की धमकी दी गई और 20 लाख रुपये की कथित अवैध मांग की गई।
75 जिलों का पैसा 15 जिलों में खपाने का आरोप
मनोज कुमार का आरोप है कि प्रदेश के 75 जिलों के बजट को कथित सेटिंग के जरिए चुनिंदा 15 जिलों में खर्च दिखाकर गबन किया गया। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उनका दावा है कि विभाग में करोड़ों रुपये की ऐसी दवाओं की खरीद की गई, जिनकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले निर्माण कार्यों में घटिया सीमेंट की खरीद का भी आरोप लगाया गया है।
स्लॉटर हाउस शुल्क में 600 करोड़ की कथित गड़बड़ी
पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष ने स्लॉटर हाउस से मिलने वाले शुल्क में भी करीब 600 करोड़ रुपये की कथित चोरी या अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए।
मनोज कुमार ने आरोपों को पशुपालन विभाग में बड़े स्तर पर कथित वित्तीय अनियमितताओं से जोड़ते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
‘घोटाले के चलते 37 फीसदी गौवंश घटा’
मनोज कुमार ने घटिया सीमेंट की खरीद का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इससे गौवंश को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कथित घोटालों के चलते प्रदेश में 37 प्रतिशत गौवंश की कमी आई है।
हालांकि, इस दावे और विभाग में कथित वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि संबंधित जांच या आधिकारिक रिपोर्ट से होना बाकी है।
डायरेक्टर ने भी दर्ज कराया मुकदमा
विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। विभाग के डायरेक्टर डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने निलंबित डॉ. मनोज कुमार और उनके बेटे समर्थ चौधरी के खिलाफ हसनगंज थाने में FIR दर्ज कराई है।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद का आरोप है कि मनोज कुमार उन पर झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने की धमकी दे रहे थे और इसके बदले 20 लाख रुपये की कथित अवैध मांग की गई।
अब जांच पर टिकी नजर
एक तरफ पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष ने विभाग के अधिकारियों पर करोड़ों रुपये की कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं, तो दूसरी तरफ विभाग के डायरेक्टर ने उन्हीं पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि 600 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी, 75 जिलों के बजट और दवाओं की खरीद से जुड़े आरोपों में आखिर सच्चाई क्या है? पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।












