अब ब्लैकबोर्ड नहीं, डिजिटल बोर्ड पर होगी पढ़ाई! सरकार का बड़ा फैसला, हर ब्लॉक में तैयार होंगे ‘टेक-टीचर’
स्मार्ट क्लास और डिजिटल बोर्ड अब नहीं रहेंगे शोपीस, 30 अगस्त तक पूरे यूपी में शिक्षकों को मिलेगा तकनीक आधारित प्रशिक्षण।

Lucknow:
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई का तरीका अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। योगी सरकार ने स्कूलों में लगे स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड और आईसीटी लैब को नियमित शिक्षण का हिस्सा बनाने के लिए राज्यव्यापी प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है। इसके तहत प्रदेश के हर विकासखंड में ‘मास्टर ट्रेनर’ तैयार किए जाएंगे, जो हजारों शिक्षकों को तकनीक आधारित शिक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे।
30 अगस्त तक पूरा होगा प्रशिक्षण अभियान
समग्र शिक्षा अभियान के तहत चलाए जा रहे इस विशेष कार्यक्रम का लक्ष्य 30 अगस्त तक प्रदेश के सभी ब्लॉकों में प्रशिक्षण पूरा करना है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने इस संबंध में सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
राज्य स्तर पर मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण दो चरणों में पूरा हो चुका है। पहला चरण 27 से 29 जुलाई और दूसरा 4 से 6 अगस्त तक आयोजित किया गया। अब यही प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने ब्लॉकों में अधिकतम 50-50 शिक्षकों के बैच को दो दिवसीय प्रशिक्षण देंगे।
डिजिटल पढ़ाई का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, इंटरैक्टिव डिजिटल बोर्ड, आईसीटी लैब, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर और ई-कंटेंट के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें यह भी सिखाया जाएगा कि तकनीक की मदद से गणित, विज्ञान, भाषा और अन्य विषयों को बच्चों के लिए अधिक रोचक, दृश्यात्मक और सहभागितापूर्ण कैसे बनाया जाए।
इसके लिए NBDIUP पोर्टल पर उपलब्ध डिजिटल मैनुअल, इंस्टॉलेशन वीडियो और संचालन संबंधी ट्यूटोरियल का भी उपयोग कराया जाएगा।
ऑनलाइन होगी मॉनिटरिंग
अभियान की खास बात यह है कि इसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जाएगी। प्रत्येक शिक्षक का प्री-टेस्ट और पोस्ट-टेस्ट लिया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण के प्रभाव का आकलन किया जा सके।
प्रशिक्षण की निगरानी राज्य परियोजना कार्यालय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक संयुक्त रूप से करेंगे। साथ ही तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए फीडबैक और एस्केलेशन मैट्रिक्स भी लागू रहेगा।
सरकार का लक्ष्य—हर शिक्षक बने डिजिटल एक्सपर्ट
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ स्कूलों में स्मार्ट क्लास लगाना नहीं, बल्कि हर शिक्षक को डिजिटल शिक्षण में दक्ष बनाना है। उनका कहना है कि जब शिक्षक तकनीक का प्रभावी उपयोग करेंगे, तभी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और सहभागितापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।









