‘मैं कसूरवार हूं’, बच्चे की मौत का गम नहीं सह पाई मां…दे दी जान….सुसाइड नोट में खुद को ठहराया जिम्मेदार…दिल दहला देने वाली घटना…

कुछ मिनटों की चूक… फिर मौत का सन्नाटा, मासूम की डूबकर मौत के बाद मां ने भी दे दी जान!

बेंगलुरु देश की टेक-सिटी बेंगलुरु से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां कुछ ही मिनटों की लापरवाही ने एक पूरा परिवार उजाड़ दिया। एक मां अपने 11 महीने के मासूम बेटे की मौत का सदमा सहन नहीं कर पाई और उसने भी अपनी जिंदगी खत्म कर ली।

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जानकारी के मुताबिक, 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रतिभा अपने बच्चे अगस्त्य के साथ घर पर अकेली थी, जबकि उसका पति महंतेश काम पर गया हुआ था। बुधवार को वह कुछ देर के लिए छत पर सूखे कपड़े लेने गई थी। इसी दौरान मासूम रेंगते हुए वॉशिंग एरिया में पहुंच गया और पानी से भरी बाल्टी में गिर गया।

जब प्रतिभा वापस लौटी, तो उसने अपने बच्चे को बाल्टी में मृत पाया। यह मंजर देखकर वह पूरी तरह टूट गई। पुलिस के अनुसार, गहरे सदमे में आई मां ने पहले अपनी कलाई काटी, फिर कुछ गोलियां खाईं और अंत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

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शाम करीब 6:30 बजे जब उसका पति घर लौटा, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। दूसरी चाबी से दरवाजा खोलकर जब वह अंदर पहुंचा, तो सामने का दृश्य देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई—पत्नी और बच्चे दोनों की मौत हो चुकी थी।

मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें प्रतिभा ने खुद को अपने बच्चे की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। नोट में उसने लिखा कि यह हादसा तब हुआ जब वह कुछ समय के लिए छत पर गई थी। साथ ही यह भी सामने आया कि उसने पहले गोलियां खाकर और कलाई काटकर आत्महत्या की कोशिश की थी, लेकिन अंततः फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

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पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हर पहलू से जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह परिवार पिछले चार साल से इसी किराए के फ्लैट में रह रहा था।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि जिंदगी के छोटे-से पल में हुई चूक किस तरह अपूरणीय नुकसान में बदल सकती है। साथ ही यह भी दिखाती है कि मानसिक आघात के क्षणों में एक व्यक्ति कितना अकेला और असहाय महसूस कर सकता है।

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