झारखंड : रांची में सजेगा ‘स्वदेशी’ का भव्य बाजार…1 मई से ऑड्रे हाउस में ‘सांसद सांस्कृतिक महोत्सव’ का आगाज, 10 हजार कलाकार दिखाएंगे दम

A Grand 'Swadeshi' Market to Adorn Ranchi: 'Sansad Cultural Festival' Kicks Off at Audrey House on May 1st; 10,000 Artists to Showcase Their Talent.

रांची। राजधानी रांची में 1 से 3 मई 2026 तक तीन दिवसीय “सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला” का आयोजन किया जाएगा। यह भव्य कार्यक्रम ऑड्रे हाउस में आयोजित होगा, जहां भारतीय संस्कृति, कला और स्वदेशी उत्पादों का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।

यह आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच देने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत की सोच को भी आगे बढ़ाने का प्रयास है।

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संजय सेठ के मार्गदर्शन में आयोजन, ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर

यह महोत्सव रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य रांची लोकसभा क्षेत्र में कला, संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है।

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यह पूरा आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत के विजन से प्रेरित है, जिसका लक्ष्य स्थानीय उत्पादों और कलाकारों को बढ़ावा देना है।

सुबह से रात तक चलेगा सांस्कृतिक उत्सव

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महोत्सव प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक चलेगा। इसमें स्कूल, कॉलेज के छात्र-छात्राएं, स्थानीय कलाकार और शिल्पकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

आयोजन में करीब 10 हजार प्रतिभागियों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे यह कार्यक्रम और भी भव्य बनने जा रहा है।

नृत्य, संगीत और नाट्य प्रतियोगिताओं से सजेगा मंच

इस महोत्सव में समूह लोक नृत्य, शास्त्रीय नृत्य, जनजातीय नृत्य, सामूहिक गायन, लघु नाटिका और फ्यूजन संगीत जैसी कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों के प्रतिभागियों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा, जिससे नई प्रतिभाओं को पहचान मिल सकेगी।

150 से अधिक स्टॉल, स्वदेशी उत्पादों की झलक

मेला परिसर में 150 से ज्यादा निःशुल्क स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां केवल स्वदेशी उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री होगी।

झारखंड के पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय कारीगरों के उत्पाद और पारंपरिक खान-पान इस मेले का प्रमुख आकर्षण होंगे।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

यह आयोजन सिर्फ सांस्कृतिक मंच नहीं बल्कि रोजगार और आर्थिक अवसरों का भी बड़ा केंद्र बनेगा। स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को इससे नया बाजार और पहचान मिलने की उम्मीद है।

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