झारखंड में बदला स्कूल टाइम: भीषण गर्मी के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला…यहाँ देखें नया टाइम-टेबल

School Timings Changed in Jharkhand: Major Decision Regarding Children's Safety Amidst Extreme Heat... Check Out the New Timetable Here

रांची से आई अहम खबर के मुताबिक झारखंड सरकार ने राज्य में लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव किया है। यह नया आदेश 21 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है।सरकार के निर्देश के अनुसार अब सभी श्रेणी के विद्यालयों में कक्षाएं सुबह जल्दी शुरू होंगी और दोपहर से पहले समाप्त कर दी जाएंगी, ताकि बच्चों को तेज धूप और लू से बचाया जा सके।

छोटे बच्चों के लिए राहत: KG से 8वीं तक नया टाइम टेबल

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

विभागीय आदेश के मुताबिक KG से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं अब सुबह 7:00 बजे से 11:30 बजे तक संचालित होंगी।इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को दोपहर की तेज गर्मी से सुरक्षित रखना है, क्योंकि इस समय तापमान तेजी से बढ़ रहा है।

बड़ी कक्षाओं के लिए भी बदला शेड्यूल, पढ़ाई और सुरक्षा दोनों पर फोकस

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्कूल का समय सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।सरकार ने इस शेड्यूल को इस तरह तय किया है कि छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो और उन्हें गर्मी के दुष्प्रभाव से भी बचाया जा सके।

शिक्षकों के लिए अलग निर्देश, दोपहर 1 बजे तक रहना होगा स्कूल में

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और अन्य कर्मचारी कक्षाएं समाप्त होने के बाद भी दोपहर 1:00 बजे तक स्कूल में उपस्थित रहेंगे।इस दौरान वे प्रशासनिक कार्य, रिकॉर्ड अपडेट, रिपोर्ट तैयार करने और अन्य जरूरी शैक्षणिक प्रबंधन से जुड़े कामों को पूरा करेंगे।

21 अप्रैल से लागू आदेश, अगली सूचना तक रहेगा प्रभावी

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश 21 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

सरकार का मकसद साफ: पढ़ाई भी जारी, स्वास्थ्य भी सुरक्षित

राज्य सरकार का मानना है कि इस फैसले से विद्यार्थियों को गर्मी और लू के प्रभाव से राहत मिलेगी। साथ ही स्कूलों में एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण भी सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे पढ़ाई पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close