इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला…राहुल गांधी के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका गिरी…कोर्ट ने कही ये बात

Major Verdict by Allahabad High Court... Petition Seeking FIR Against Rahul Gandhi Dismissed... Here is What the Court Said

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक अहम कानूनी खबर सामने आई है, जहां इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया, जिससे इस मामले में फिलहाल उन्हें कानूनी सुरक्षा मिल गई है।

किस याचिका पर हुई थी सुनवाई, क्या था पूरा मामला

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यह याचिका सिमरन गुप्ता नाम की महिला द्वारा दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी के एक बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। याचिका में कोर्ट से मांग की गई थी कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया जाए।

जज ने सुनी दोनों पक्षों की दलील, फिर सुरक्षित रखा फैसला

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इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में हुई, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान ने की। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता और राज्य सरकार दोनों के वकीलों ने अपने अपने तर्क रखे। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद कोर्ट ने 8 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

बयान बना विवाद की वजह, देशद्रोह तक का आरोप

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विवाद की जड़ वर्ष 2025 का एक कथित बयान था, जिसमें राहुल गांधी ने कहा था कि वे भाजपा, आरएसएस और भारत सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। याचिकाकर्ता का आरोप था कि यह बयान देश की स्थिरता पर असर डाल सकता है और इसे देशद्रोह की श्रेणी में रखा जाना चाहिए।

पहले भी खारिज हो चुकी थी मांग, हाईकोर्ट ने भी दोहराया फैसला

इससे पहले संभल की एक निचली अदालत भी इसी तरह की मांग को खारिज कर चुकी थी। उसी फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। अब हाईकोर्ट ने भी स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का कोई ठोस आधार नहीं बनता।

फिलहाल खत्म हुआ कानूनी विवाद, आगे की राह साफ

कोर्ट के इस फैसले के बाद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग फिलहाल समाप्त हो गई है। यह निर्णय न केवल इस केस में अहम है, बल्कि राजनीतिक बयानों और कानूनी सीमाओं के बीच संतुलन को भी स्पष्ट करता है।

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