झारखंड ट्रेजरी घोटाले पर बड़ा एक्शन…जांच का दायरा बढ़ा…अब 14 ट्रेजरी होंगी जांच के घेरे में

Major Action in Jharkhand Treasury Scam... Scope of Investigation Expanded... Now 14 Treasuries Under Scrutiny.

रांची : बड़ी प्रशासनिक खबर ने वित्तीय सिस्टम में हलचल बढ़ा दी है। झारखंड में ट्रेजरी से फर्जी वेतन निकासी मामले की जांच अब और गहराई तक जाने वाली है। वित्त विभाग ने 12 और ट्रेजरी को जांच में शामिल करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा है, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद है।

जांच का विस्तार: अब सिर्फ दो नहीं, पूरे राज्य पर नजर

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इससे पहले महालेखाकार की रिपोर्ट में केवल बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी में गड़बड़ी की बात सामने आई थी। इन मामलों की जांच के लिए राज्य सरकार ने पहले ही एक उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी है।अब नई रिपोर्ट में 12 और ट्रेजरियों में भी अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया गया है। प्रस्ताव है कि इन सभी मामलों की पड़ताल भी उसी समिति के जरिए कराई जाए।

हाई लेवल कमेटी की जिम्मेदारी: हर कड़ी की होगी जांच

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इस जांच समिति की अगुवाई आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल कर रहे हैं। समिति पहले से दो ट्रेजरी मामलों की जांच कर रही है, लेकिन अब नई ट्रेजरियों के जुड़ने से इसका दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ जाएंगे।उद्देश्य साफ है कि घोटाले की जड़ तक पहुंचा जाए और यह पता लगाया जाए कि किन स्तरों पर गड़बड़ी हुई।

सीएम की मंजूरी के बाद तेज होगा एक्शन

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वित्त विभाग का प्रस्ताव जैसे ही मुख्यमंत्री की स्वीकृति पाता है, जांच प्रक्रिया और तेज कर दी जाएगी। सभी 14 ट्रेजरियों की विस्तृत जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह घोटाला सीमित था या पूरे सिस्टम में फैला हुआ है।

तकनीक का सहारा: अब हर भुगतान पर रहेगी नजर

घोटाले के सामने आने के बाद सरकार ने सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है। प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट को एडवांस टैबलेट दिए गए हैं, जिनके जरिए अब भुगतान प्रक्रिया और फाइलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।फील्ड से ही डेटा अपडेट होने से हर गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ा जा सकेगा।

अब आगे क्या: बड़ा खुलासा या सिस्टम सुधार?

जांच के विस्तार के बाद यह मामला अब राज्य के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में शामिल हो सकता है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से यह तय होगा कि दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है और सिस्टम को कितना मजबूत बनाया जाता है।

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