शिक्षक को नहीं पता केंद्रीय मंत्री का क्या है नाम ?… प्रमुख के इंस्पेक्शन में नशे में धुत शिक्षक…. जानिये फिर क्या हुआ

गढ़वा। झारखंड में शिक्षा विभाग का बंटाधार यूं ही नहीं हो रखा है। कहीं शिक्षक आते नहीं, कहीं आते हैं तो नशे में धुत्त रहते हैं और कहीं आते हैं तो पढ़ाते नहीं। ऐसा ही एक मामला गढ़वा के विशुनपुरा में सामने आया है, जहां प्रमुख दीपा कुमारी ने निरीक्षण के दौरान करकचिया विद्यालय में सहयोगी शिक्षक रामलाल राम पढ़ाई के दौरान नशे में धुत पाये गये। स्कूली बच्चों के बीच नशे में देख प्रमुख दीपा कुमारी ने सहयोगी शिक्षक रामलाल राम को फटकार लगायी। इस दौरान जब पढ़ाई को लेकर प्रमुख दीपा कुमार ने कुछ सवाल पूछे तो शिक्षक एक भी जवाब नहीं दे सका। शिक्षक से केंद्र के मंत्रियों का नाम पूछे जाने पर कोई जवाब नहीं मिला। शिक्षक ने बताया कि उन्होंने ने बताया कि याद नही है।
पूर्व में शिक्षक करकचिया विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक रह चुके हैं। इनके ही कार्यकाल में 2015/16 में विद्यालय में बच्चों के बैठने के लिए बेंच डेस्क का राशि 50,000 हजार तथा टू एसीआर भवन के लिए 2011-12 मे एक लाख बावन हजार रुपए खाते से निकासी कर लेने का भी आरोप है। इस विद्यालय में छात्र छात्राएं आज भी फर्श पर बैठकर पढ़ाई करने को विवश है। शिक्षा विभाग आज तक बच्चों के बैठ कर पढ़ने के लिए बेंच डेस्क उपलब्ध नही करा पायी है। वहीं, किचन शेड अधूरा निर्माण के कारण मध्याह्न भोजन को रसोईया विद्यालय के कार्यालय के सामने बनाती हैं।
विद्यालय के वर्तमान प्रधानाध्यापक मोहन प्रसाद यादव से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि शिक्षक का रोज यही हाल है। सुबह अपना उपस्थिति का हाजरी लगाकर हमेशा फरार रहते हैं। इसकी सूचना विभाग को मौखिक सूचना कई बार विभाग को दिये हैं। मौके पर सूचना पाकर पहुंचे बीआरपी अनिल विश्वकर्मा ने पूछे जाने पर कहा कि शिक्षक नशे में धुत हैं, इनकी हमेशा यह शिकायत विभाग को मिल रही है। इनका यह रवैया देख मैं अपने विभाग को लिखित आवेदन दूंगा तथा इनके ऊपर करवाई की जायेगी।
रिपोर्ट राजू सिंह











