NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा, करोड़ों के कोचिंग नेटवर्क पर CBI का शिकंजा, 10वीं गिरफ्तारी से मचा हड़कंप

परीक्षा से पहले ही बांटे गए सवाल, डॉक्टरों-कैंडिडेट्स तक पहुंचा लीक पेपर, अब जांच में खुल रहे चौंकाने वाले राज

देश के सबसे बड़े एग्जाम घोटालों में शामिल NEET पेपर लीक मामले में सोमवार को बड़ा धमाका हुआ। CBI ने महाराष्ट्र के लातूर से मशहूर केमिस्ट्री कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस हाईप्रोफाइल केस में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।

CBI का दावा है कि मोटेगांवकर उस संगठित सिंडिकेट का अहम हिस्सा था, जिसने NEET-UG का पेपर परीक्षा से पहले हासिल कर उसे कई लोगों तक पहुंचाया। जांच एजेंसी के मुताबिक 23 अप्रैल को ही पेपर और आंसर-की आरोपियों के हाथ लग चुकी थी और फिर इसे गुप्त तरीके से फैलाया गया।

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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी का ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ नाम से बड़ा कोचिंग नेटवर्क है, जो लातूर समेत सात जिलों में संचालित होता है। रविवार को CBI ने इसके मुख्य कार्यालय पर छापेमारी कर कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध रिकॉर्ड जब्त किए। बताया जा रहा है कि इस कोचिंग नेटवर्क का सालाना टर्नओवर करीब 100 करोड़ रुपये है।

CBI को शक है कि इसी सेंटर में चुनिंदा छात्रों को लीक पेपर के सवाल पढ़ाए गए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ डॉक्टरों ने भी मोटी रकम देकर पेपर खरीदा था। यही वजह है कि एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क को सिर्फ पेपर लीक नहीं बल्कि संगठित ‘एग्जाम माफिया’ के तौर पर देख रही हैं।

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इससे पहले महाराष्ट्र की बॉटनी प्रोफेसर मनीषा मंधारे की गिरफ्तारी ने भी जांच को नया मोड़ दिया था। CBI के अनुसार, मंधारे को NEET के बॉटनी और जूलॉजी सेक्शन तक सीधी पहुंच थी। आरोप है कि परीक्षा से पहले उसने स्पेशल क्लास लगाकर वही सवाल और जवाब छात्रों को लिखवाए, जो बाद में असली परीक्षा में पूछे गए।

जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरा खेल बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित किया गया। इसमें प्रोफेसर, कोचिंग संचालक, बिचौलिए, मेडिकल छात्र और डॉक्टर तक शामिल थे। अब तक गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र, राजस्थान और हरियाणा के कई नाम शामिल हैं, जिनकी भूमिका लगातार जांच के दायरे में बढ़ती जा रही है।

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इधर पेपर लीक कांड से घिरी केंद्र सरकार ने भी बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA में बड़े स्तर पर फेरबदल करते हुए दो नए संयुक्त निदेशक और दो संयुक्त सचिव नियुक्त किए गए हैं। माना जा रहा है कि यह कदम परीक्षा प्रणाली पर उठ रहे सवालों के बाद उठाया गया है।

वहीं कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi को सीधे निशाने पर लिया है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि आखिर देश की सबसे संवेदनशील परीक्षाओं के पेपर बार-बार कैसे लीक हो रहे हैं और परीक्षा माफिया के खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। लेकिन गड़बड़ी की शिकायतों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करनी पड़ी और री-एग्जाम कराने का फैसला लिया गया। अब इस मामले में हर नई गिरफ्तारी के साथ जांच और भी खौफनाक खुलासों की तरफ बढ़ती दिखाई दे रही है।

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