सीधे बॉर्डर भेजो! बंगाल में घुसपैठियों पर ‘नो कोर्ट-नो राहत’ वाला नया नियम, सुवेंदु सरकार के फैसले से मचा सियासी तूफान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर सियासत अचानक गरमा गई है। भाजपा नेता Suvendu Adhikari के एक बड़े बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने दावा किया है कि अब पकड़े गए बांग्लादेशी घुसपैठियों को अदालत में पेश नहीं किया जाएगा, बल्कि सीधे सीमा सुरक्षा बल यानी Border Security Force के हवाले कर बांग्लादेश बॉर्डर भेजा जाएगा।
सुवेंदु अधिकारी ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि अब अवैध घुसपैठियों को “भारत का दामाद” बनाकर जेलों में सालों तक रखने का दौर खत्म होगा। उनके मुताबिक नया सिस्टम लागू कर दिया गया है, जिसके तहत घुसपैठियों को पकड़ने के बाद सीधे बीएसएफ को सौंपा जाएगा ताकि तुरंत डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पुलिस आयुक्त और रेलवे सुरक्षा बल यानी Railway Protection Force को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। खासतौर पर हावड़ा समेत संवेदनशील इलाकों में पकड़े जाने वाले संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को कोर्ट में पेश करने के बजाय सीधे बॉर्डर सुरक्षा एजेंसियों के हवाले करने की बात कही गई है।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि “कल से नया नियम लागू हो गया है।” हालांकि उन्होंने उस कानूनी प्रावधान का खुलकर नाम नहीं लिया, जिसके तहत यह प्रक्रिया अपनाई जाएगी। माना जा रहा है कि उनका इशारा संसद में पारित ‘आव्रजन और विदेशी अधिनियम 2025’ की ओर था, जिसका उद्देश्य देश में अवैध प्रवासियों की पहचान, निगरानी, हिरासत और निर्वासन की प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाना बताया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों की साप्ताहिक रिपोर्ट डीजीपी के जरिए मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई जाएगी। यानी अब अवैध घुसपैठ के मामलों की सीधी मॉनिटरिंग शीर्ष स्तर पर की जाएगी।
इस बयान के सामने आते ही बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष इस बयान को लेकर भाजपा पर निशाना साध रहा है, जबकि समर्थक इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बड़ा कदम बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।












