झारखंड : कोल ब्लॉक मामले में बड़ा फैसला…कांग्रेस नेता सुभोधकांत सहाय के भाई सुधीर सहाय को CBI कोर्ट से मिली राहत!

Jharkhand: Major Verdict in Coal Block Case... Congress Leader Subodh Kant Sahay's Brother, Sudhir Sahay, Gets Relief from CBI Court!

कोल ब्लॉक आवंटन मामले में कांग्रेस नेता Subodh Kant Sahay के भाई सुधीर कुमार सहाय को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की विशेष CBI अदालत ने उन्हें और अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। यह मामला छत्तीसगढ़ के विजय सेंट्रल कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़ा हुआ था।

CBI ने लगाया था गलत जानकारी देकर कोल ब्लॉक लेने का आरोप

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

CBI का आरोप था कि SKS Ispat & Power Ltd और उसके अधिकारियों ने कथित तौर पर गलत जानकारी देकर कोल ब्लॉक हासिल किया था। जांच एजेंसी के अनुसार कंपनी ने निवेश, भूमि, उत्पादन क्षमता और पर्यावरण मंजूरी से जुड़े आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया था।हालांकि अदालत ने जांच एजेंसी के इन दावों को पर्याप्त सबूतों के अभाव में स्वीकार नहीं किया।

कोर्ट की टिप्पणी से CBI के दावों पर सवाल

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

विशेष अदालत की जज Sunena Sharma ने अपने फैसले में कहा कि पूरा मामला केवल ‘कयास और अंदाजों’ पर आधारित था।कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपियों ने किसी साजिश के तहत जानबूझकर गलत जानकारी दी थी।

सिफारिशी पत्र पर भी नहीं मिला कोई ठोस आधार

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मामले के दौरान राजनीतिक विवाद भी काफी बढ़ा था, क्योंकि आरोप लगाए गए थे कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभोधकांत सहाय ने कंपनी के पक्ष में सिफारिशी पत्र लिखा था।हालांकि अदालत ने कहा कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि उस पत्र का स्क्रीनिंग कमेटी के फैसले पर कोई प्रभाव पड़ा था।

ऑडिटेड दस्तावेजों पर आधारित थे कई आंकड़े

कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि कंपनी की ओर से प्रस्तुत कई आंकड़े ऑडिटेड बैलेंस शीट और आधिकारिक दस्तावेजों पर आधारित थे। ऐसे में यह साबित नहीं हो पाया कि कंपनी ने जानबूझकर फर्जी जानकारी दी थी।

क्या था चर्चित ‘कोलगेट’ मामला

देश में चर्चित ‘कोलगेट’ मामला वर्ष 2012 में सामने आया था। इसमें 1993 से 2010 के बीच कोल ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितताओं के आरोप लगे थे।बाद में Supreme Court of India ने वर्ष 2014 में 200 से अधिक कोल ब्लॉकों का आवंटन रद्द कर दिया था।

Related Articles

close