झारखंड: …और बंदोबस्त अधिकारी को ग्रामीण खींचते हुए ले गये कमिश्नर ऑफिस, जमीन मामले पर जमकर हुआ बवाल, फिर ग्रामीणों ने….
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दुमका। ग्रामीणों का गुस्सा ऐसा भड़का, कि बंदोबस्त अधिकारी को खींचते हुए ग्रामीण कमिश्नर आफिस तक लेते गये। मामला दुमका जिले का है, जहां संथाल परगना बंदोबस्त कार्यालय में जमीन विवाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ। गोड्डा के तेतरिया गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के निर्णय पर नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गयी, जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने अधिकारी को उनके कार्यालय से बाहर निकालकर प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय तक ले जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक तेतरिया गांव में एक भूमि विवाद को लेकर लंबे समय से दो पक्षों के बीच कानूनी प्रक्रिया चल रही है। हाल ही में बंदोबस्त कार्यालय में हुई सुनवाई के बाद दिए गए निर्णय से एक पक्ष असंतुष्ट हो गया। उनका आरोप है कि मामले में उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया और फैसला दूसरे पक्ष के पक्ष में चला गया।
बड़ी संख्या में दुमका पहुंचे ग्रामीण
इस दौरान विवादित पक्ष के समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण दुमका पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने फैसले पर आपत्ति जताते हुए उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की। उनका कहना था कि मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए ताकि सभी पक्षों को न्याय मिल सके।
कमिश्नर कार्यालय में रखी गई शिकायत
इस प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने अपनी बात प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय तक पहुंचाई। आयुक्त की अनुपस्थिति में उनके सचिव को पूरे मामले की जानकारी दी गई। प्रदर्शनकारियों ने निर्णय की समीक्षा और मामले की पुनः जांच की मांग की।
प्रशासन हुआ सक्रिय
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया। प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय की ओर से पुलिस अधिकारियों को बुलाया गया और दोनों पक्षों के साथ बैठक कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया गया।साथ ही संबंधित अधिकारी को मामले से जुड़े दस्तावेज, अभिलेख और आदेश की प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। शिकायतकर्ता पक्ष को भी अपनी आपत्तियां लिखित रूप में प्रस्तुत करने की सलाह दी गई है।
निष्पक्ष सुनवाई का भरोसा
मामले में संबंधित अधिकारी ने आश्वासन दिया कि विवाद से जुड़े सभी तथ्यों को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। प्रशासन का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की समीक्षा की जाएगी और सभी पक्षों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन घटना ने सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था और विवादित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।









