झारखंड : पारा शिक्षकों की TET विसंगति कब होगी दूर? 17.68 करोड़ के अतिरिक्त भार का आकलन, बैठक में नहीं हो सका आखिरी फैसला

रांची। राज्य में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) की लंबे समय से लंबित TET विसंगति को दूर करने की कवायद अभी अटकी हुई है। हालांकि महाधिवक्ता ने इस मामले में पारा शिक्षकों के युक्तिकरण का सुझाव स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को दिया है। हालांकि, संबंधित प्रस्ताव पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।

दरअसल महाधिवक्ता ने जो परामर्श दिया है उसके मुताबिक पारा शिक्षकों को उनकी TET योग्यता के अनुरूप कक्षा 1 से 5 अथवा कक्षा 6 से 8 में पदस्थापित किया जा सकता है। इसका उद्देश्य उन शिक्षकों को उनकी TET उत्तीर्ण श्रेणी का लाभ दिलाना है, जिन्हें वर्तमान पदस्थापन के कारण इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 804 पारा शिक्षक ऐसे हैं, जो कक्षा 6 से 8 के लिए चयनित हैं, लेकिन उन्होंने केवल कक्षा 1 से 5 के लिए TET उत्तीर्ण किया है। प्रस्ताव के तहत इन शिक्षकों का पदस्थापन कक्षा 1 से 5 में किया जाना है।वहीं, 646 पारा शिक्षक ऐसे हैं, जो कक्षा 1 से 5 के लिए चयनित हैं और उन्होंने कक्षा 1 से 5 तथा कक्षा 6 से 8, दोनों श्रेणियों के लिए TET उत्तीर्ण किया है। इन शिक्षकों को कक्षा 6 से 8 में पदस्थापित करने का प्रस्ताव है।

इसके अलावा, 1,330 पारा शिक्षक ऐसे हैं, जो कक्षा 1 से 5 के लिए चयनित हैं, लेकिन उन्होंने कक्षा 6 से 8 के लिए TET उत्तीर्ण किया है। महाधिवक्ता के परामर्श के अनुसार इनका भी युक्तिकरण कर कक्षा 6 से 8 में पदस्थापन किया जाना प्रस्तावित है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

TET पास शिक्षकों को मिलता है अधिक मानदेय
पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली में TET उत्तीर्ण प्रशिक्षित पारा शिक्षकों तथा केवल प्रशिक्षित पारा शिक्षकों के लिए अलग-अलग मानदेय का प्रावधान है। TET उत्तीर्ण होने पर शिक्षकों को अधिक मानदेय मिलता है। वर्तमान पदस्थापन और TET योग्यता में विसंगति के कारण कई पारा शिक्षक इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं।टेट विसंगति को दूर करने के लिए महाधिवक्ता से अब तक तीन बार परामर्श लिया जा चुका है। अंतिम परामर्श में महाधिवक्ता ने शिक्षकों के युक्तिकरण का सुझाव दिया है।

सालाना 17.68 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार
पारा शिक्षकों को उनकी TET योग्यता के अनुरूप संबंधित कक्षा समूह में पदस्थापित करने पर सरकार पर करीब 17.68 करोड़ रुपये सालाना का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है।शिक्षकों के युक्तिकरण को लेकर वित्त विभाग से भी परामर्श लिया गया था। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया कि पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली के तहत मानदेय निर्धारण के लिए संबंधित प्रशासी विभाग सक्षम है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

महाधिवक्ता के परामर्श के आधार पर तैयार प्रस्ताव को झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में स्वीकृति के लिए रखा गया था। हालांकि, बैठक में इस प्रस्ताव पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका।ऐसे में करीब तीन हजार पारा शिक्षकों की नजर अब सरकार के अगले निर्णय पर टिकी है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद ही TET योग्यता के अनुरूप उनके पदस्थापन और मानदेय में होने वाले बदलाव का रास्ता साफ होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close