Jharkhand BJP: 15 नवंबर के बाद झारखंड में निकलेगी BJP की पदयात्रा! गढ़वा से होगा आगाज, आदित्य साहू ने हेमंत सरकार को घेरा
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर राज्य सरकार पर लगाए आरोप; पदयात्रा में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना

गढ़वा: झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 15 नवंबर के बाद राज्यव्यापी पदयात्रा शुरू करने की तैयारी में है। इसकी शुरुआत गढ़वा जिले से होगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस अभियान को लेकर जानकारी देते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने राज्य में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए।
आदित्य साहू गढ़वा के पिंडरा स्थित बीजेपी जिला कार्यालय पहुंचे थे। यहां स्थानीय विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी, भानु प्रताप शाही, आलोक चौरसिया और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान संगठनात्मक बैठक में त्योहारों के बाद होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई।
गढ़वा से शुरू होगी पदयात्रा, वरिष्ठ नेता होंगे शामिल
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में आदित्य साहू ने बताया कि 15 नवंबर के बाद गढ़वा से पदयात्रा की शुरुआत की जाएगी। इसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बीजेपी इस अभियान के जरिए राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से संपर्क कर सरकार की नीतियों और कामकाज से जुड़े मुद्दे उठाने की तैयारी में है।
हेमंत सरकार पर विकास में विफल रहने का आरोप
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर विकास कार्यों में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है और भ्रष्टाचार तथा लूट की घटनाओं को लेकर लोगों में परेशानी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंचल और प्रखंड कार्यालयों में आम लोगों को अपने काम कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आदित्य साहू ने केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंचने का दावा भी किया। हालांकि, इन आरोपों पर राज्य सरकार का पक्ष इस बयान में सामने नहीं आया है।
कांग्रेस और प्रधानमंत्री मोदी को लेकर भी साधा निशाना
आदित्य साहू ने कांग्रेस नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए प्रधानमंत्री को निशाना बनाने का आरोप लगाया और सवाल उठाया कि क्या देश में प्रधानमंत्री का पद किसी एक परिवार तक सीमित रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बीजेपी इन मुद्दों को लेकर 15 नवंबर के बाद राज्य में आंदोलन शुरू करेगी।
MMDR बिल को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
झारखंड सरकार की ओर से MMDR बिल पर चर्चा के लिए दो दिवसीय सत्र बुलाए जाने के मुद्दे पर भी आदित्य साहू ने टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि दूसरे राज्यों में इस बिल को लेकर सहमति है, जबकि झारखंड सरकार इसका विरोध कर रही है।
उन्होंने सेस के नाम पर वसूली और नए प्रावधानों के संभावित प्रभावों का भी जिक्र किया। साथ ही बड़े पैमाने पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों की तैनाती होने की बात कही। इन दावों और तैनाती से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
SIR प्रक्रिया पर विपक्ष को घेरा
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आदित्य साहू ने विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता एक ओर इस प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं, तो दूसरी ओर इसका विरोध भी कर रहे हैं।
उन्होंने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की और केंद्र सरकार पर उद्योगपतियों को दबाने के आरोपों को खारिज किया।
पदयात्रा में भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था होंगे प्रमुख मुद्दे
बीजेपी की प्रस्तावित पदयात्रा में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और विकास जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है। गढ़वा से शुरू होने वाले इस अभियान के जरिए पार्टी राज्य सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पदयात्रा का कार्यक्रम किस तरह आगे बढ़ता है और सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।












