प्रमोशन पोस्टिंग : स्टेनोग्राफर की नियुक्ति व प्रमोशन का नियम बदला… अब 10 साल में ही बन जायेंगे निज सहायक…जानिये क्या-क्या हुआ बदलाव

रांची। कर्मचारियों के प्रमोशन से जुड़ी अच्छी खबर है। राज्य स्टेनोग्राफर्स की नियुक्ति एवं प्रोन्नति नियमावली में संशोधन किया है। बदले नियम के तहत अब स्टेनोग्राफर्स 10 साल में ही निजी सहायक के पद पर पदोन्नत हो जायेंगे, वहीं 5 साल बाद वो आप्त सचिव बन सकेंगे। पहले स्टेनोग्राफर्स की निजी सहायक के पद पर प्रोन्नति के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 15 साल थी, जो अब 10 साल हो गयी है। संशोधित नियम के अनुसार, निजी सहायक ग्रेड में कुल पदों के दो-तिहाई पद योग्यता के आधार पर वैसे स्टेनोग्राफर्स की प्रोन्नति से भरे जाएंगे, जिन्होंने 10 साल या इससे अधिक अवधि की अनुमोदित सेवा पूरी कर ली है।

इसी तरह, आप्त सचिव ग्रेड में दो-तिहाई पद पर वरीयता एवं योग्यता के आधार पर वैसे निजी सहायकों को प्रोन्नति प्रदान की जाएगी जिन्होंने पांच साल या इससे अधिक की सेवा पूरी कर ली है। पहले यह समय सीमा दो साल ही निर्धारित थी।स्टेनोग्राफर्स श्रेणी में नियुक्ति के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक होगी। पहले अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए झारखंड के शैक्षणिक संस्थानों से मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया था, जिस शर्त को अब खत्म कर दिया गया है।

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उसी तरह निजी सहायक ग्रेड की कुल रिक्तियों के एक तिहाई पद सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा से भरे जाएंगे। इस परीक्षा में वैसे कर्मी शामिल होंगे, स्टेनोग्राफर्स श्रेणी में छह साल की अनुमोदित एवं निरंतर सेवा पूरी कर ली है। इसी तरह, आप्त सचिव के कुल पदों में से एक तिहाई पद पर वैसे निजी सहायकों के लिए आयोजित होनेवाली सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से भरे जाएंगे, जिन्होंने इस परीक्षा के लिए आवेदन करने के समय निजी सहायक श्रेणी में तीन साल की अनुमोदित एवं निरंतर सेवा पूरी कर ली हो।पहले दोनों ग्रेड में यह अवधि पांच साल निर्धारित थी। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से आयोजित की जाएगी।

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