शिक्षकों के ऑनलाइन अटेंडेंस में बड़ा फर्जीवाड़ा, ऐप की GPS में गड़बड़ी कर अटेंडेंस बनाने का आरोप, शिक्षा विभाग ने दिये जांच के आदेश

रांची। शिक्षकों के ऑनलाइन अटेंडेंस में फर्जीवाड़ा का बड़ा मामला सामने आया है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद विभाग ने अब जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि शिक्षकों के लिए GPS के जरिये ऑनलाइन अटेंडेंस का जो सिस्टम तैयार किया गया था। उसमें गड़बड़ी कर कई शिक्षक फर्जी जीपीएस के आधार पर अपना अटेंडेंस बना रहे हैं। ऐसे शिक्षक कभी स्कूल भी नहीं जाते और सैलरी उठा रहे हैं।

प्रांरभिक जांच में जो जानकारी आयी है, उसके मुताबिक इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब शिक्षकों के आनलाइन अटेंडेंस की बारिकी से जांच हुई। जांच में 900 से ज्यादा शिक्षकों का लोकेशन बिना किसी बदलाव के एक ही जगह पर मिलता रहा। ऐसे शिक्षकों को विभाग ने चिन्हित कर लिया है। शिक्षा सचिव ने इसे लेकर विभिन्न जिलों को निर्देश दिया है. जिलों को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी और राज्य स्तर पर की गयी समीक्षा में पाया गया है कि जीपीएस और समय तथा तिथि में बदलाव कर उपस्थिति दर्ज करायी जा रही है।

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सूत्रों के मुताबिक विभाग ने ऐसे 900 से ज्यादा शिक्षक चिन्हित किए हैं, जो फर्जी लोकेशन से हाजिरी बनाकर ऑनलाइन अटेंडेंस ऐप की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। शिक्षा विभाग को इनकी गतिविधियों पर शक हुआ है, इसके बाद अब मामले की जांच के निर्देश दिये गये हैं। आपको बता दें कि गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ई-विद्यावाहिनी ऐप के जरिये ऑनलाइन उपस्थिति बनाना अनिवार्य है. इसके लिए एक जीपीएस सिस्टम लगा है, जिसके तहत स्कूल के 100 मीटर के दायरे में रहकर हाजिरी बनानी है। लेकिन, शिक्षक दूसरी जगहों से भी उपस्थिति बना रहे हैं।

यूं तो जीपीएस सिस्टम में फर्जीवाड़े की खबर कई जिलों से आयी है, लेकिन सबसे ज्यादा शिकायत पलामू से है, जहां 200 से ज्यादा शिक्षकों ने आनलाइन अटेंडेंस में गड़बड़ी की है। पता चला है कि शिक्षक लोकेशन चेंजर ऐप के सहयोग से लोकेशन बदलकर हाजिरी बना रहे हैं. इससे स्कूल से 100 मीटर से अधिक दूरी होने पर भी शिक्षकों की हाजिरी बन जा रही है। जानकारी के मुताबिक विभाग ने डीईओ-डीएसई को ऐसे शिक्षकों की सूची दी है और जांच के निर्देश दिये हैं। माना जा रहा है विभाग जल्द ही इनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकता है।

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