VIDEO : स्कूल ही नहीं आते शिक्षक ! कैसे पढ़ें हम…?……सोशल मीडिया में वायरल हुआ स्कूल का VIDEO…. ग्रामीण ने चेताया, अबकी नहीं सुधरे तो कर देंगे तालाबंदी…..

गिरिडीह । लाख सुविधा सरकार दे दे, लेकिन गुरूजी है कि अपनी लापरवाही से बाज नहीं आते। कहीं शिक्षक आते ही नहीं…कहीं आते भी हैं मनमर्जी टाइम पर आते हैं… ना तो उन्हें बच्चों के भविष्य की परवाह है और ना ही अपनी जिम्मेदारी का ख्याल। ऐसा ही एक मामला गिरिडीह के बेंगाबाद से आया है।

बेंगाबाद के ओझाडीह पंचायत के अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय महुआटांड का एक वीडियो सोशल मीडिया में बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। स्कूल के वक्त में शिक्षक स्कूल से गायब हैं। वहीं शिक्षक ना होने की वजह से बच्चे पढ़ने के बजाय हो हंगामा कर रहे हैं। स्कूल में बड़े-बड़े चकाचक बिल्डिंग बने हैं, टेबल-कुर्सी सब हैं, पढ़ाई के लिए आने वाले बच्चे भी है, लेकिन नहीं हैं तो बस वो शिक्षक, जिन पर इन नौनिहालों को पढ़ाने की जिम्मेदारी है।

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उत्क्रमित मध्य विद्यालय महुआटांड़ बेंगाबाद गिरिडीह

वीडियो में साफ दिख रहा है कि स्कूल में तय समय के बाद भी शिक्षक स्कूल नहीं पहुचे हैं और स्कूल में पढ़ाई के वक्त बच्चे ग्राउंड में धमाचौकड़ी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने खुद ही इस वीडियो को शूट किया है और सोशल मीडिया में वायरल कर दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महुआटांड गांव के ग्रामीण राजेंद्र यादव, रामचंद्र यादव, सुनील यादव, अजय, टुनटुन, मुकेश ने शिक्षकों को वक्त पर आने और पढ़ाई नहीं कराने वाले शिक्षकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर शिक्षकों ने समय पर स्कूल आना और पढ़ाई कराना सुनिश्चित नहीं किया तो आने वाले दिनों स्कूल में तालाबंदी कर अधिकारियों को स्कूल में बुलवाया जायेगा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ओझाडीह पंचायत के अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय महुआटांड में हर दिन शिक्षकों का यही हाल है। आये दिन शिक्षक अलग-अलग बहाना बनाकर स्कूल से गायब रहते हैं। बच्चों की पढ़ाई स्कूल में नहीं होती है। ग्रामीणों ने कहा कि कभी-कभी तो शिक्षक पूरे दिन स्कूल नहीं आते, जिसके बाद बच्चे निराश होकर वापस लौट जाते हैं।

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ग्रामीणों ने वीडियो शूट करते वक्त मोबाइल में ये भी दिखाया है कि किस तरह से 9 बजकर 42 मिनट हो जाने के बाद भी स्कूल में शिक्षक नहीं है और बच्चे पढ़ाई के बजाय धमाचौकड़ी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पढाई के मामले मे कई बार ग्रामीणों द्वारा बैठक किया गया उसके बावजूद भी शिक्षक अपनी लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं।

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