मोहब्बत की दुकान से 300 करोड़ मिले: “कहीं ये पैसा हेमंत सोरेन का तो नहीं”…बाबूलाल मरांडी का बड़ा हमला, निशिकांत बोले, कांग्रेस व भूपेश बघेल का पैसा हो सकता है

रांची। कांग्रेस सांसद के ठिकानों से निकले नोटों के अंबार ने राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी है। दिल्ली से लेकर झारखंड तक भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर है। इधर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने नोटों के मिले पहाड़ पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आड़े हाथों लिया है। बाबूलाल मरांडी ने आशंका जतायी है कि कहीं ये पैसा हेमंत सोरेन का तो नहीं है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जब यहां रेड पड़ा था तो गाड़ियों में भरकर पैसा उड़ीसा भेज दिया गया था.. बिहार भेज दिया गया था, तो कहीं वो यही पैसा तो नहीं है।

बाबूलाल मरांडी ने कविता के अंदाज में सोशल मीडिया पर लिखा, अलमारियों में पड़ी हुई नोटों की गड्डियां सिर्फ पैसा नहीं है। किसी किसान की बर्बाद फसल का मुआवजा हैं अलमारी में पड़ा वो पैसा, किसी बेटी के पढ़ाई का खर्च है अलमारी में पड़ा वो पैसा, किसी युवा के फॉर्म का आखिरी बचा पैसा है जिसे वो महीनों भर एक समय खाना न खाकर फॉर्म भरने के लिए बचा रखा था। किसी मां के घर की टपकती छत के मरम्मत के लिए मोदी द्वारा दिए गए प्रधानमंत्री आवास योजना का है अलमारी में पड़ा वो पैसा।आदिवासी भाई बहनों के MGNERGA में की गई मेहनत की गाड़ी कमाई का है अलमारी में पड़ा वो पैसा। झारखंड की गरीब और वंचित जनता की आखिरी उम्मीद है अलमारी में पड़ा वो पैसा, जिसके इंतजार में न जाने कितने लोगों की जाने चली गई।

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वहीं इस मामले में सांसद निशिकातं दुबे ने ट्वीट किया है। सांसद ने लिखा, कांग्रेस पार्टी का नाम हमने शुरू से करप्शन पार्टी रखा है और लगातार आप सभी को इस नाम की वास्तविकता भी नज़र आ ही रही है। भ्रष्टाचार की गंगोत्री कांग्रेस का यह है असली खेल जो आज़ादी के बाद से आज तक चालू है।

निशिकांत दुबे ने कहा है कि जो पैसा पकड़ाया है तो वो कांग्रेस का पैसा हो सकता है। भूपेश बघेल का पैसा हो सकता है। निशिकांत दुबे के इस बयान ने बवाल मचा दिया है। जानकारी के अनुसार लगभग 300 करोड़ रुपये नक़द कॉंग्रेस के झारखंड से राज्यसभा सांसद धीरज साहू व उनके परिवार से आयकर विभाग को मिला है,गिनती जारी है,यह पैसा छत्तीसगढ़ व झारखंड के बड़े नेताओं का हो सकता है।

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