सिपाही नियुक्ति नियमावली को बताया पुलिस मैनुअल के खिलाफ, हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 16 अगस्त को

रांची । झारखंड हाईकोर्ट में आज दो अहम मुद्दे पर सुनवाई हुई। पहला टेट पास अभ्यर्थी ने नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती दी वहीं दूसरी सिपाही नियुक्ति नियमावली- 2014 को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने इससे संबंधित सुप्रीम कोर्ट में एक लंबित केस के सुनवाई को देखते हुए इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 16 अगस्त निर्धारित की है.

इस संबंध में सुनील टूडू सहित 60 याचिकाएं अदालत में दाखिल की गई हैं. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई. झारखंड स्टाफ सलेक्शन कमीशन ( JSSC ) की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल, प्रिंस कुमार एवं राकेश रंजन ने पैरवी की.

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क्या है मामला और क्या दिया तर्क

याचिका में कहा गया है कि झारखंड सरकार की ओर से बनाई गई सिपाही नियुक्ति नियमावली पुलिस मैनुअल के विपरीत है. नई नियमावली में लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स की शर्त लगाना भी गलत है. ऐसे में उक्त नियमावली को रद्द कर देना चाहिए. हालांकि इस मामले में अदालत ने पूर्व में ही कहा है कि अदालत के अंतिम आदेश से नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होगी.

मालूम हो कि वर्ष 2015 में राज्य के सभी जिलों में सिपाही और जैप के जवानों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था. वर्ष 2018 में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। पूर्व के आदेश के तहत इस मामले में नियुक्ति हुए सभी सिपाहियों को पक्ष रखने के लिए अदालत ने मौका दिया था. इसके लिए सार्वजनिक नोटिस भी जारी किया गया था. जिसके बाद से करीब सात हजार सिपाही इस मामले में प्रतिवादी बने हैं.

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